ITR Filing Mistakes: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। अब कम दिन बचे हैं और अधिकांश टैक्सपेयर्स पहले ही अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं और टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आप ITR भरते समय कोई बड़ी गलती न करें। टैक्सपेयर्स को आखिरी तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले अपने टैक्स कंसल्टेंट के साथ सभी जरूरी दस्तावेज शेयर कर लेने चाहिए ताकि अंतिम समय की तकनीकी या डेटा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। ITR भरते समय सामान्य गलतियां (Common Mistakes While Filing ITR) से बचना चाहिए।
गलत ITR फॉर्म का चयन करना
कई बार करदाता गलत ITR फॉर्म चुन लेते हैं। उदाहरण के तौर पर, जिन्हें ITR-2 भरना चाहिए, वे गलती से ITR-1 भर देते हैं। इसलिए सही फॉर्म का चुनाव करने के लिए अपनी आय के स्रोत और प्रकृति को ध्यान में रखें या अपने CA से सलाह लें।
विदेशी संपत्तियों (Foreign Assets) का खुलासा नहीं करना
कुछ करदाता अपनी विदेशी संपत्तियों की जानकारी ITR में नहीं देते, जो कि गंभीर गलती है। आयकर विभाग समय-समय पर इस बारे में चेतावनी देता रहा है। इसलिए अगर आपके पास विदेश में कोई खाता, निवेश, संपत्ति या अन्य वित्तीय हित है, तो उसका पूरी तरह से खुलासा करें।
एक से अधिक नियोक्ताओं से प्राप्त फॉर्म 16 का समुचित उपयोग न करना
अगर आपने वित्तीय वर्ष में एक से अधिक नियोक्ताओं के साथ काम किया है, तो सभी से प्राप्त फॉर्म 16 को मिलाकर कुल आय की गणना करनी होती है। इसलिए सभी नियोक्ताओं की आय को जोड़कर सही आंकड़ा रिपोर्ट करें, वरना "underreporting of income" का नोटिस मिल सकता है।
छूट प्राप्त (Exempt) आय को न दिखाना
कई करदाता सोचते हैं कि छूट प्राप्त आय (जैसे कि ग्रैच्युटी, लीव एनकैशमेंट, कम्यूटेड पेंशन आदि) को ITR में दिखाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह गलत है। ऐसी आय को पहले सकल वेतन में दिखाएं और फिर संबंधित धारा (जैसे धारा 10) के तहत छूट क्लेम करें।
AIS/TIS डेटा को बिना जांचे इस्तेमाल करना
AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary) में दी गई जानकारी हमेशा सही हो ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार लोग बिना जांचे सीधे इस डेटा को ITR में भर देते हैं। AIS/TIS की जानकारी को अपने बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों से मिलाकर जांच लें और सही आंकड़ों का ही इस्तेमाल करें।
7 दिन पहले ही अपने CA या टैक्स कंसल्टेंट को सभी जरूरी दस्तावेज सौंपें। गलत टैक्स स्लैब/रेजीम का चुनाव न करें। समय रहते रिटर्न फाइल करें। आखिरी दिन का इंतजार न करें।
