बिजनेस

Iran Crisis: विदेशी निवेशकों ने 4 दिनों में भारतीय बाजार से ₹21,000 करोड़ निकाले, अब आगे क्या?

Image

विदेशी निवेशक बिकवाली

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध ने दुनियाभर के शेयर बाजारों पर बुरा असर डाला है। इसके चलते दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी व्यापक पड़ा है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा फरवरी में भारतीय इक्विटी में 22,615 करोड़ रुपये के निवेश के बाद यह ताजा बिकवाली हुई है। फरवरी का निवेश पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक मासिक खरीदारी थी। इससे पहले एफपीआई लगातार तीन महीनों तक शुद्ध विक्रेता रहे थे। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। ताजा निकासी 2-6 मार्च के दौरान हुई, जब एफपीआई ने ’कैश मार्केट’ में लगभग 21,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। उल्लेखनीय है कि तीन मार्च को होली के उपलक्ष्य में बाजार बंद थे।

ईरान संकट से बाजार अस्थिर हुआ

बाजार विशेषज्ञों ने इस निकासी का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को बताया है। एंजेल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के डर ने ब्रेंट क्रूड की कीमतों को 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की धारणा पैदा हुई। इसके अलावा रुपया 92 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चला गया, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में बढ़ोतरी हुई, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता, बाजार में हालिया सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि ने एफपीआई की बिकवाली में योगदान दिया है।

टॉप-8 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.81 लाख करोड़ घटा

पिछले सप्ताह टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से आठ की कुल मार्केट कैप 2,81,581.53 करोड़ रुपये कम हो गई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को हुआ। पिछले हफ्ते BSE बेंचमार्क 2,368.29 पॉइंट्स गिरा। टॉप-10 पैक में से, सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और इंफोसिस को फायदा हुआ। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की मार्केट वैल्यूएशन 53,952.96 करोड़ रुपये गिरकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गई।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article