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SBI के लिए जैकपॉट बना ये IPO! ₹1.93 करोड़ लगाए, अब मिलेंगे ₹7364 करोड़

SBI के लिए इसकी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का IPO जैकपॉट साबित हुआ है। SBI ने 34 साल पहले इसमें निवेश किया था, जिसके बदले अब 3,82,567% का हैरान करने वाला रिटर्न मिलने जा रहा है।

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देश के सबसे बड़े बैंक को करोंड़ों का फायदा

SBI Funds Management IPO Jackpot : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लिए करीब 34 साल पहले किया गया 15 पैसे प्रति शेयर का निवेश आज करोड़ों के खजाने में बदल गया है। SBI Funds Management IPO से बैंक को अपने निवेश पर 3,82,567% का चौंकाने वाला रिटर्न मिलेगा। यह 2026 का अब तक का सबसे बड़ा भारतीय IPO भी है।

पूरी तरह OFS बेस्ड इस इश्यू का अपर प्राइस बैंड ₹574 प्रति शेयर रखा गया है। इस तरह SBI ने 3 दशक पहले जो शेयर महज 15 पैसे में खरीदे, उनको अब 3,82,567% ऊपर ₹574 में बेचने का मौका मिल रहा है। SBI फिलहाल, जितने शेयर बेच रहा है, उनकी लागत ₹1.93 करोड़ है, लेकिन अब SBI को ये शेयर बेचने पर ₹7,366.39 करोड़ मिलेंगे, यानी बैंक को ₹7,364.47 करोड़ का शुद्ध मुनाफा होगा।

Amundi को भी 13,095% का रिटर्न

SBI Funds Management की दूसरी प्रमोटर कंपनी Amundi India Holding भी इस IPO से बड़ी कमाई करेगी। कंपनी ने अपने शेयर औसतन ₹4.35 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे। अब इन्हें बेचकर उसे ₹4,326.52 करोड़ मिलेंगे, जबकि लागत सिर्फ ₹32.79 करोड़ थी। इससे उसे करीब ₹4,293.73 करोड़ का लाभ होगा। यानी Amundi को अपने निवेश पर लगभग 13,095% का रिटर्न मिलेगा। दोनों प्रमोटर मिलकर इस आईपीओ से ₹11,658 करोड़ से ज्यादा का मुनाफा कमाएंगे।

पूरी तरह OFS, कंपनी को नहीं मिलेगा पैसा

यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है। ऐसे में आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम शेयर बेचने वाले प्रमोटरों के पास जाएगी और SBI Funds Management को इस इश्यू से कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।

SBI अपनी करीब 6.3% हिस्सेदारी यानी 12.83 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि Amundi लगभग 3.7% हिस्सेदारी यानी 7.54 करोड़ शेयर ऑफलोड करेगी। दोनों मिलकर कंपनी की लगभग 10% हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

₹1.17 लाख करोड़ होगी कंपनी की वैल्यू

कंपनी ने IPO के लिए ₹545-574 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर SBI Funds Management का बाजार पूंजीकरण करीब ₹1.17 लाख करोड़ होगा। आईपीओ 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा।

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक SBI Funds Management, 15.3% बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। खास बात यह है कि देश की शीर्ष 10 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में SBI Funds Management का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो सिर्फ 0.08% है, जो प्रतिस्पर्धी कंपनियों के 0.10% से 0.25% के मुकाबले सबसे कम है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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