India Current Account: भारत के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज जानकारी देते हुए बताया कि सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन की बदौलत पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के दौरान भारत के चालू खाते में वृद्धि देखने को मिली है। साथ ही वित्त वर्ष 24 में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) कम होकर कुल GDP का 0.7% रह गया। भारत के CAD में हुई कमी के लिए वस्तु व्यापार घाटे को प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। साल भर पहले, वित्त वर्ष 23 में भारत का CAD कुल GDP का 2%, 67 बिलियन डॉलर्स, हुआ करता था और अब यह कम होकर 23.2 बिलियन डॉलर्स रह गया है।
फॉरेन पोर्टफोलियो का ऐसा रहा हाल
वित्त वर्ष 24 के दौरान भारत के फॉरेन पोर्टफोलियो में 44.1 बिलियन डॉलर्स का शुद्ध अंतर्वाह देखने को मिला है जबकि वित्त वर्ष 23 के दौरान 5.2 बिलियन डॉलर का बहिर्वाह दर्ज किया गया था। वित्त वर्ष 24 के दौरान FDI के शुद्ध अंतर्वाह में कमी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 23 में FDI का शुद्ध अंतर्वाह 28 बिलियन डॉलर हुआ करता था जो वित् वर्ष 24 में कम होकर 9.8 बिलियन डॉलर रह गया है। RBI ने अपने बयान में जानकारी देते हुए बताया है कि भारत के फॉरेन एक्सचेंज में पेमेंट बैलेंस के आधार पर 63.7% की वृद्धि देखने को मिली है।
सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन से चालू खाते में वृद्धि
वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही में सेवा क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत के चालू खाते में कुल GDP का 0.6% आधिक्य भी दर्ज किया गया है। पिछली तिमाही में यह कुल GDP के 1% घाटे में था जबकि वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही में यह कुल GDP के 0.2% घाटे में हुआ करता था। वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही के दौरान देश की निवल सेवा प्राप्ति 42.7 बिलियन डॉलर पर दर्ज की गई और इसी वजह से देश के चालू खाते में वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में देश की निवल सेवा प्राप्ति 39.1 बिलियन डॉलर हुआ करती थी। सोफ्टवेयर, व्यापार और यात्रा में वृद्धि की बदौलत देश के सेवा निर्यातों में सालाना आधार पर वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही में 4.1% की वृद्धि देखने को मिली है।
