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अमेरिकी शेयरों में जमकर पैसा लगा रहे भारतीय, इन दो कंपनियों में किया सबसे ज्यादा निवेश

Indians investing American stocks: रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे ज्यादा नेट इनफ्लो गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट में दर्ज किया गया। यूनिक निवेशकों में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीयों ने अन्य दिग्गज अमेरिकी कंपनियों जैसे टेस्ला, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस (एएमडी) और एप्पल आदि में भी निवेश किया है।

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अप्रैल-जून की अवधि में भारतीयों की ओर से अमेरिकी शेयरों में एनवीडिया को सबसे ज्यादा ट्रेड किया गया। (फोटो सोर्स-nvidia)

Nvidia and Google: घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ अमेरिकी बाजार में भी भारतीय जमकर पैसा ला रहे हैं। घरेलू निवेशकों ने सबसे ज्यादा ट्रेड यूएस की चिप कंपनी एनवीडिया में किया है, जिसने हाल ही में चार ट्रिलियन डॉलर की मार्केटकैप की उपलब्धि हासिल की है। यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, वेस्टेड फाइनेंस की ‘ग्लोबल इन्वेस्टिंग बिहेवियर रिपोर्ट’ के मुताबिक, अप्रैल-जून की अवधि में भारतीयों की ओर से अमेरिकी शेयरों में एनवीडिया को सबसे ज्यादा ट्रेड किया गया। कुल बाय वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी 6.4 प्रतिशत थी, जबकि सेल वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी 8.3 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे ज्यादा नेट इनफ्लो गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट में दर्ज किया गया। यूनिक निवेशकों में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीयों ने अन्य दिग्गज अमेरिकी कंपनियों जैसे टेस्ला, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस (एएमडी) और एप्पल आदि में भी निवेश किया है।

इसके अतिरिक्त, अन्य अमेरिकी कंपनी डुओलिंगो में निवेशकों की संख्या में 2,255 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि यूनाइटेडहेल्थ ग्रुप और नोवो नॉर्डिस्क जैसी स्वास्थ्य सेवा की दिग्गज कंपनियों के निवेशक आधार में 500 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में खुदरा निवेशकों ने अमेरिकी टैरिफ के झटके और एसएंडपी 500 में उतार-चढ़ाव के बीच दूसरी तिमाही में वैश्विक निवेश दोगुना कर दिया।

वेस्टेड प्लेटफॉर्म पर खरीदारी की मात्रा में तिमाही-दर-तिमाही 20.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में तिमाही-दर-तिमाही 35.4 प्रतिशत और साल-दर-साल 140 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष की दूसरी तिमाही में ईटीएफ में भी अच्छी तेजी देखी गई।

रिपोर्ट में कहा गया, "निवेशकों ने इन्वेस्को नैस्डैक 100 ईटीएफ (क्यूक्यूक्यूएम), आईशेयर्स सेमीकंडक्टर ईटीएफ (एसओएक्सएक्स), और वैनगार्ड एसएंडपी 500 ईटीएफ (वीओओ) जैसे फंडों के माध्यम से विविधीकरण की ओर रुख किया, जिससे निवेशकों की संख्या में क्रमशः 131 प्रतिशत, 101 प्रतिशत और 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई।"

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और केंद्रीय बैंक की नीतियां अलग-अलग हुई हैं, भारतीय निवेशकों ने ईटीएफ के माध्यम से यूरोप, चीन और ब्राजील में निवेश अवसर खोजे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय निवेशक केवल समाचारों की सुर्खियों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय दृढ़ विश्वास से प्रेरित पोर्टफोलियो बना रहे हैं क्योंकि स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उद्योग मुख्यधारा में आ रहे हैं और वैश्विक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) गति पकड़ रहे हैं।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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