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स्किल इंडिया मिशन में 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगी ट्रेनिंग, ऐसे उठाएं योजना का फायदा

Skill India Mission: देश के युवा वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देशभर में विभिन्न ट्रेड्स और स्किल्स में मुफ्त या रियायती दरों पर ट्रेनिंग दी जाती है।

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अब तक लाखों युवा इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेकर नौकरी या स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं। (image-istock)

Skill India Mission: केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि देश में छह करोड़ से ज्यादा लोगों को स्किल इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2015 में शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन ने भारत के युवाओं को देश और विदेश, दोनों जगह पर परिवर्तन की एक शक्ति बना दिया है। उन्होंने बीते 10 साल की इस यात्रा को 'कौशल का दशक' बताया और कहा, "पिछले एक दशक में, कौशल विकास, प्रशिक्षुता, उद्यमिता और पारंपरिक व्यवसायों में समन्वित प्रयासों के माध्यम से एमएसडीई ने 6 करोड़ से अधिक भारतीयों को अपने और देश के लिए एक उज्जवल भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाया है।"

मिशन के 10 साल पूरे

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, स्किल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय मंत्री ने एक सप्ताह तक चलने वाले समारोह का भी शुभारंभ किया। सप्ताह भर चलने वाले इस उत्सव में हर राज्य के आईटीआई, कौशल केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम, कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इस उत्सव का समापन 22 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'भारत स्किल नेक्स्ट 2025' कार्यक्रम के साथ होगा, जिसके दौरान स्कूली बच्चों के लिए एआई कौशल पर एक समर्पित कार्यक्रम सहित प्रमुख कौशल पहलों का शुभारंभ किया जाएगा।

2015 में शुरुआत

देश के युवा वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देशभर में विभिन्न ट्रेड्स और स्किल्स में मुफ्त या रियायती दरों पर ट्रेनिंग दी जाती है। अब तक लाखों युवा इस योजना के तहत ट्रेनिंग लेकर नौकरी या स्वरोजगार शुरू कर चुके हैं। अगर आप भी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए प्रोसेस को फॉलो कर सकते हैं।

स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

  • मुफ्त या सस्ती ट्रेनिंग: इलेक्ट्रिशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ब्यूटी पार्लर, प्लंबर, फिटर, कुकिंग, मोबाइल रिपेयरिंग जैसे 40 से ज्यादा सेक्टर्स में प्रशिक्षण उपलब्ध है।
  • मान्य प्रमाणपत्र (Certificate): ट्रेनिंग के बाद सरकार की तरफ से प्रमाणपत्र दिया जाता है, जो प्राइवेट और सरकारी नौकरियों में मान्य होता है।
  • रोजगार और स्वरोजगार में मदद: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्लेसमेंट ड्राइव के जरिए युवाओं को नौकरी के अवसर दिए जाते हैं। वहीं, स्वरोजगार के लिए भी गाइडेंस और लोन सुविधा उपलब्ध होती है।

योजना से जुड़ने का तरीका

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले www.skillindia.gov.in पर जाएं।
  • वहां “Candidate Registration” ऑप्शन पर क्लिक कर फॉर्म भरें।
  • कोर्स और ट्रेनिंग सेंटर चुनना: अपनी रुचि के अनुसार कोर्स सिलेक्ट करें।
  • अपने इलाके के नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी पोर्टल पर या हेल्पलाइन नंबर से प्राप्त करें।
  • दस्तावेज अपलोड करें: आधार कार्ड, पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ और फोटो जमा करनी होगी।
  • ट्रेनिंग और परीक्षा: चुने गए कोर्स में तय समय तक ट्रेनिंग लें।
  • ट्रेनिंग पूरी होने के बाद परीक्षा देकर सर्टिफिकेट प्राप्त करें।
  • सर्टिफिकेट मिलने के बाद केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से रोजगार मेलों में शामिल होकर नौकरी के मौके पाए जा सकते हैं।

किसे मिल सकता है लाभ?

  • 15 वर्ष से ऊपर के भारत के नागरिक
  • जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं या नौकरी की तलाश में हैं
  • स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखने वाले युवा

जरूरी संपर्क

इसके अलावा आप स्किल इंडिया मिशन की वेबसाइट www.skillindia.gov.in और हेल्पलाइन नंबर- 1800-123-9626 से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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