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पीयूष गोयल का बड़ा बयान: अमेरिका के साथ ट्रेड डील से भारत को होगा जबरदस्त फायदा, सुरक्षित रहेंगे किसानों के हित

India-US trade deal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। इससे किसानों व हितधारकों के हित सुरक्षित रहेंगे और भारत को बड़ा व्यापारिक लाभ मिलेगा।

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: भारत को मिलेगा बड़ा आर्थिक फायदा

Photo : ANI

India-US Trade Deal : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तो भारत को इससे बहुत बड़ा आर्थिक और व्यापारिक लाभ मिलेगा। वे दिल्ली में आयोजित औद्योगिक बदलाव पर आधारित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में भाषण दे रहे थे। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि इस समझौते से भारत के किसी भी वर्ग या किसान को कोई नुकसान नहीं होगा।

मुफ्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर उठाए गए सवालों का जवाब

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सरकार अब तक आठ मुफ्त व्यापार समझौते (FTAs) कर चुकी है, जिनके ब्योरे सार्वजनिक हैं। इन समझौतों में आज तक कोई भी व्यक्ति कोई कमी या खामी नहीं निकाल पाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित नौवें व्यापार समझौते को कुछ लोग राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अभी तक इस समझौते के पूरे डिटेल सामने भी नहीं आए हैं।

किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की पूरी सुरक्षा

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जब अमेरिका के साथ होने वाले इस व्यापार समझौते की पूरी जानकारी बाहर आएगी, तो देश के लोग इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने बातचीत के दौरान अपने किसानों और अन्य सभी हितधारकों के संवेदनशील हितों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मुख्य आधार ही एक-दूसरे से मिलने वाला फायदा होता है, और इस मामले में भारत बहुत मजबूत स्थिति में रहेगा।

समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब दोनों देश

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका दोनों ही इस समझौते की बची हुई औपचारिकताओं को पूरा करने में लगे हैं। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद कहा था कि दोनों देश डील के बेहद करीब हैं। रुबियो ने कहा कि समझौते के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और केवल कुछ ही मामूली बातें तय होना बाकी हैं, जिन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। पीयूष गोयल ने भी पिछले हफ्ते संकेत दिया था कि इस डील के पहले चरण की बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है।

टैरिफ विवाद और पिछले तनाव की पृष्ठभूमि

हालांकि, दोनों देशों के बीच यह राह पूरी तरह आसान नहीं रही है। भारत द्वारा रूस से तेल खरीदे जाने और अमेरिकी टैरिफ (आयात शुल्क) को लेकर बातचीत में कुछ रुकावटें आई थीं। अगस्त 2025 में बातचीत रुकने के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% तक का भारी टैरिफ लगा दिया था। इसके बाद फरवरी 2026 में बनी एक सहमति के तहत इस टैरिफ को घटाकर 18% किया गया। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी माना था कि बातचीत की गति थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन भारत का रुख साफ है कि भारतीय उत्पादों पर टैरिफ की दरें अन्य प्रतिस्पर्धी देशों (जैसे वियतनाम) के बराबर ही होनी चाहिए। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर भी उच्च स्तरीय चर्चा जारी है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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