भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों के बीच एक बड़ा बड़ी खबर सामने आ रही है। यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने भारत सहित दुनिया की 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर ली है। यह जांच इस बात को लेकर थी कि इन देशों ने अपने यहां विदेशी सामानों के आयात (Import) को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। जांच के नतीजों के आधार पर, USTR ने अमेरिकी ट्रेड एक्ट 1974 के 'सेक्शन 301' के तहत भारत समेत इन सभी 60 देशों से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त टैरिफ (यानी एक्स्ट्रा ड्यूटी/टैक्स) लगाने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि, जो उत्पाद पहले से ही 'सेक्शन 232 टैरिफ' के दायरे में आते हैं और कुछ अन्य चुनिंदा सामानों को इस नए टैक्स प्रस्ताव से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, टेक्सटाइल (कपड़ा) और पहनावे से जुड़े उत्पादों के लिए एक विशेष नियम का सुझाव भी दिया गया है, जिसके तहत कुछ तय मात्रा में कपड़ा कम टैरिफ दरों पर अमेरिका भेजा जा सकेगा। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने में लगे हैं। इसको लेकर लगातार वर्ता चल रही है। जल्द ही दोनों देशों के बीच ट्रेड डील फाइनल हो सकती है।
अमेरिकी की तरफ से क्या कहा गया?
राहत की बात यह है कि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित किए गए ये अतिरिक्त टैरिफ अभी अंतिम (Final) नहीं हैं। इस फैसले से प्रभावित होने वाले सभी पक्ष और स्टेकहोल्डर्स इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति या राय दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए सार्वजनिक सुनवाई में शामिल होने का अनुरोध करने की आखिरी तारीख 22 जून 2026 तय की गई है। इसके अलावा, लोग 6 जुलाई 2026 तक लिखित में भी अपने सुझाव या टिप्पणियां भेज सकते हैं। इस पूरे मामले पर 7 जुलाई 2026 को एक पब्लिक हीयरिंग (सार्वजनिक सुनवाई) आयोजित की जाएगी। इन सभी लिखित टिप्पणियों, सुझावों और गवाहियों पर अच्छी तरह विचार करने के बाद ही USTR इस अतिरिक्त टैक्स को लागू करने पर अपना आखिरी फैसला लेगा।
