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Biofuel Production: दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बायोफ्यूल उत्पादक देश बना भारत, किसानों को भी हो रहा जमकर फायदा

Biofuel Production in India: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में भारत ने अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए तीसरे सबसे बड़े बायोफ्यूल उत्पादक के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जो कि स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम को दिखाता है।

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तीसरा सबसे बड़ा बायोफ्यूल उत्पादक देश बना भारत

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • तीसरा सबसे बड़ा बायोफ्यूल उत्पादक देश बना भारत
  • बहुत कम समय में हासिल किया ये मुकाम
  • किसानों की इनकम में भी हो रही बढ़ोतरी

Biofuel Production in India: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में भारत ने अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए तीसरे सबसे बड़े बायोफ्यूल उत्पादक के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जो कि स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम को दिखाता है। केंद्रीय मंत्री ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में बताया, "भारत ने इस साल जनवरी तक पेट्रोल में 19.6 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल कर लिया है और साल 2030 तक के शेड्यूल से पांच साल पहले ही 20 प्रतिशत हासिल करने की तैयारी है, जिससे ईंधन आयात और उत्सर्जन में कमी आएगी।"

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किसानों की आय में वृद्धि

आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के दौरान इथेनॉल ब्लेंडिंग पहल ने किसानों की आय में वृद्धि की है क्योंकि यह गन्ने से बनाया जाता है, जो ग्रामीण रोजगार में वृद्धि को दर्शाता है। साथ ही 1.75 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर सीओ2 उत्सर्जन में कमी आई है और इसके नतीजे में 85,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इस प्रयास में सबसे आगे रही हैं, जिन्होंने देश भर में पेट्रोल के साथ इथेनॉल के अलग-अलग ब्लेंड पेश किए हैं।

131 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 131 डेडिकेटेड इथेनॉल प्लांट के साथ समझौते किए हैं। इन प्लांट से 745 करोड़ लीटर की वार्षिक उत्पादन डिजाइन क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हाईर ब्लेंडिंग प्रतिशत को संभालने के लिए स्टोरेज कैपेसिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में भी निवेश किया है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि ई100 ईंधन अब देश भर में 400 से अधिक आउटलेट पर उपलब्ध है, जो भारत को स्वच्छ, हरित भविष्य के करीब ले जा रहा है। यह प्रगति, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी की यात्रा है।

कई तरह के वाहनों में हो सकता है इस्तेमाल

पेट्रोलियम मंत्री ने सबसे पहले मार्च 2024 में इंडियन ऑयल के 183 आउटलेट पर इथेनॉल (ई) 100 ईंधन लॉन्च किया। इसकी उच्च-ऑक्टेन रेटिंग के साथ, जो आमतौर पर 100-105 के बीच होती है, इथेनॉल 100 उच्च-प्रदर्शन इंजनों के लिए बेहतर साबित होता है, जो पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हुए बेहतर दक्षता और बिजली उत्पादन सुनिश्चित करता है।

इसके अलावा, इथेनॉल 100 का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में किया जा सकता है, जिसमें गैसोलीन, इथेनॉल या दोनों के किसी भी मिश्रण पर चलने के लिए डिजाइन किए गए फ्लेक्स-फ्यूल वाहन शामिल हैं।

एलएनजी टर्मिनल क्षमता में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश

पुरी ने कहा, "शांत शहर डिगबोई से दुनिया के टॉप एनर्जी बाजारों तक, भारत की पेट्रोलियम यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा निर्देशित लचीलेपन और प्रगति की कहानी है।" इस संदर्भ में, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत अब एलएनजी टर्मिनल क्षमता में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है, जो एक स्थिर और सुरक्षित एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करता है।

7वां सबसे बड़ा निर्यातक

देश में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वैश्विक रिफाइनिंग क्षमता भी है, जो एक प्रमुख ऊर्जा केंद्र के रूप में इसकी भूमिका को मजबूत करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसने भारत को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का 7वां सबसे बड़ा निर्यातक बनने में भी सक्षम बनाया है, जिससे वैश्विक व्यापार और ईंधन सुरक्षा मजबूत हुई है। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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