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भारत–EU के बीच FTA पर लगी मुहर, PM मोदी ने कहा- साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है यह ऐतिहासिक डील

18 साल का इंतजार खत्म हो गया है। आज यानी 27 जनवरी को भारत–EU के बीच FTA डील हो गई है। इस डील से दोनों देशों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही दुनियाभर की अर्थव्यस्था को भी फायदा होगा।

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भारत EU मुक्त व्यापार समझौता

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आज मुहर लग गई है। यूरोपीय यूनियन के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' साइन करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि यह डील भारतीय किसानों, उद्योग जगत और यूरोप के 27 देशों में समृद्धि लाने का काम करेगा। यह डील दुनिया की सप्लाई चेन को मजबूत करने का काम करेगी। पीएम ने आगे कहा कि इस डील से मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे। पीएम ने कहा कि यह दो महाशक्तियों के बीच डील है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी उथल-पुथल को कम करने में मदद मिलेगी और दुनिया की सप्लाई चेन मजबूत होगी। पीएम ने आगे कहा कि आज के चैलेंज का समाधान करने के लिए ग्लोबल एजेंसियों में बदलाव जरूरी है।

अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जमकर की तारीफ

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर मिला आतिथ्य सत्कार उन्हें जीवन भर याद रहेगा। लेयेन ने कहा कि आज के समय में भारत की मजबूती दुनिया की मजबूती है। अगर भारत में स्थिरता होगी तो दुनिया में स्थिरता होगी। आज हमने 'मदर ऑफ ऑल डील्स' को पूरा कर लिया है। इससे 2 अरब लोगों को फायदा मिलेगा। हम इस डील के जरिये मुक्त व्यापार को 4 अरब डॉलर तक बढ़ााएंगे। इस डील से यूरोपीय यूनियन को भारतीय स्कील का फायदा होगा। वहीं, भारत को यूरोपीय टेक्नोलॉजी का फायदा मिलेगा। मैं इस डील को पूरा होने पर दोनों देशों को बधाई देता है। प्रधानमंत्री मोदी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की तारीफ करते हुए लेयेन ने कहा कि इस डील से हम सिर्फ अपनी अर्थव्यवस्था को ही मजबूत नहीं करेंगे बल्कि डिफेंस और स्ट्रैजिक इश्यू में भी फायदा मिलेगा।

ईयू-इंडिया स्टार्टअप पार्टनरशिप बनाएंगे

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि दोनों देशों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ईयू-इंडिया स्टार्टअप पार्टनरशिप बनाया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच ईयू लीगल गेटवे भी बनाया जाएगा जिससे, यूरोपीय यूनियन और भारत के लोगों को आसानी हो। वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि हम दो अरब लोगों के लिए बाजार बना रहे हैं। आज का दिन ऐतिहासिक है। हम व्यापार, सुरक्षा एवं जन-संबंधों में एक नया अध्याय खोल रहे हैं।

इस साझेदारी से दुनिया को फायदा होगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ की साझेदारी से दुनिया को फायदा होगा। बहुप्रतीक्षित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता एक अत्यधिक महत्वपूर्ण समझौता है जिसे ‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’ यानी अबतक का सबसे बड़ा समझौता कहा जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

शिखर सम्मेलन के बाद, दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के समापन की औपचारिक घोषणा करने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं क्योंकि दोनों पक्षों द्वारा इसकी कानूनी जांच आवश्यक होगी।

2007 में पहली बार शुरू हुई थी वार्ता

यूरोपीय संघ और भारत ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पहली बार 2007 में शुरू की थी, लेकिन कुछ मुद्दों के कारण 2013 में बातचीत स्थगित कर दी गई थी। जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई। यूरोपीय संघ एक समूह के रूप में, वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर का था। इसमें निर्यात करीब 76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर का था।

शिखर सम्मेलन में मुख्य तौर पर व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया गया। भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। प्रस्तावित सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच गहन रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देगी।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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