FTA With EFTA:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए (EFTA) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि इस समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं।यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देश आइसलैंड, लीशटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ समझौते के लिए बातचीत पूरी हो गई है।सूत्रों ने बताया कि समझौते पर रविवार को यहां हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।भारत और ईएफटीए आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जनवरी, 2008 से आधिकारिक तौर पर व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर बातचीत कर रहे हैं। ।वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान ईएफटीए देशों को भारत का निर्यात 2021-22 के 1.74 अरब डॉलर से बढ़कर 1.92 अरब डॉलर रहा।
किन बातों पर होगा समझौता
समझौते में कई अध्याय हैं जिनमें वस्तुओं का व्यापार, उत्पत्ति के नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), सेवा व्यापार, निवेश प्रोत्साहन और सहयोग, व्यापार और सतत विकास और व्यापार सुविधा शामिल हैं।ईएफटीए के कनाडा, चिली, चीन, मेक्सिको और दक्षिण कोरिया सहित 40 भागीदार देशों के साथ 29 मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) हैं।मुक्त व्यापार समझौते के तहत, दो देश उनके बीच व्यापार वाली ज्यादातर पर सीमा शुल्क को काफी कम या समाप्त कर देते हैं। इसके अलावा इसमें सेवाओं के व्यापार और निवेश के लिए नियमों को सुगम किया जाता है।
यूरोपीय संघ का हिस्सा नहीं ये देश
ईएफटीए देश यूरोपीय संघ (ईयू) का हिस्सा नहीं हैं। यह मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने और तीव्र करने के लिए एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसकी स्थापना उन देशों के लिए एक विकल्प के रूप में की गई थी जो यूरोपीय समुदाय में शामिल नहीं होना चाहते थे।वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान ईएफटीए देशों को भारत का निर्यात 2021-22 के 1.74 अरब डॉलर से बढ़कर 1.92 अरब डॉलर रहा। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कुल आयात 16.74 अरब डॉलर रहा, जबकि 2021-22 में यह 25.5 अरब डॉलर था।वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, यह व्यापार अंतर ईएफटीए समूह के पक्ष में झुका हुआ है
