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Budget 2024: अब 5 साल से पुराने मामले पर नहीं मिलेगा टैक्स नोटिस, छोटे टैक्सपेयर्स को फायदा, जानें-नए नियम

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 24, 2024, 11:01 AM IST

Budget 2024: इस प्रस्ताव से मुकदमों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि मैं रीओपन और रीएसेसमेंट के प्रावधानों को पूरी तरह से आसान बनाने का प्रस्ताव करती हूं। ये प्रावधान 1 सितंबर, 2024 से प्रभावी होने जा रहे हैं।

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ITR को लेकर बदला ये नियम

Photo : Times Now Digital

Budget 2024: बजट 2024 में टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत देने की शुरुआत की गई है। अब टैक्स अधिकारी तय डेडलाइन के बाद पुराने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) को फिर से ओपन नहीं कर सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि मैं रीओपन और रीएसेसमेंट के प्रावधानों को पूरी तरह से आसान बनाने का प्रस्ताव करती हूं। एसेसमेंट ईयर के अंत से मैक्सिमम पांच साल की अवधि तक, अगर बची हुई इनकम 50 लाख रुपये या उससे अधिक है तो इस तरह के मामले को रीओपन किया जा सकता है।

मुकदमों में कमी आने की उम्मीद

इस प्रस्ताव से मुकदमों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। बजट स्पष्टीकरण ज्ञापन में कहा गया है कि सामान्य मामलों में, धारा 148ए के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, यदि संबंधित टैक्स निर्धारण वर्ष के अंत से तीन वर्ष बीत चुके हैं। संबंधित टैक्स निर्धारण वर्ष के अंत से तीन वर्ष की अवधि के बाद नोटिस केवल कुछ खास मामलों में ही जारी किया जा सकता है। ये प्रावधान 1 सितंबर, 2024 से प्रभावी होने जा रहे हैं।

आसान भाषा में समझिए

उदाहरण के लिए अगर वित्तीय वर्ष 2023-24 में बची हुई इनकम 50 लाख रुपये से कम है, जिसके लिए निर्धारण वर्ष 2024-25 में आईटीआर दाखिल किया गया है, तो टैक्स अधिकारी 31 मार्च 2028 के बाद इस मामले को फिर से नहीं खोल सकते हैं या आईटीआर का रीएसेसमेंट नहीं कर सकते हैं।

अगर बची हुई आय 50 लाख रुपये से अधिक है, तो भी मामले को फिर से खोलना या आईटीआर का रीएसेसमेंट उस आकलन वर्ष की समाप्ति के 5 साल बाद नहीं हो सकता है, जिसमें आईटीआर दाखिल किया गया है। इसलिए पिछले मामले में यदि आय 50 लाख रुपये से अधिक है तो मामले को फिर से नहीं खोला जा सकता है या रीएसेसमेंट नहीं किया जा सकता है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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