इनकम टैक्स

ITR Offline Form: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी किया JSON यूटिलिटी, ऑफलाइन फॉर्म भरने में आएगा काम

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 19, 2024, 07:14 PM IST

ITR Offline Form: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-1 और ITR-4 के लिए ऑफलाइन फॉर्म (JSON यूटिलिटी) जारी कर दिए हैं। इस फॉर्म का उपयोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए किया जाएगा।

Image

इनकम टैक्स (तस्वीर-Canva)

ITR Offline Form: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 18 मार्च 2024 को वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए लागू ITR-1 और ITR-4 के लिए ऑफलाइन फॉर्म (JSON यूटिलिटी) जारी कर दिए हैं। इन ऑफलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म का उपयोग आईटीआर फाइल करने के लिए किया जाएगा। वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए 1 अप्रैल 2024 से आईटीआर फाइल किया जाएगा। JSON यूटिलिटी एक फाइल फाइल फॉर्मेट है जिसका उपयोग आपके पहले से भरे हुए रिटर्न डेटा को ऑफलाइन यूटिलिटी में डाउनलोड या इंपोर्ट करते समय किया जाता है और इसका उपयोग इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट के अनुसार ऑफलाइन यूटिलिटी में आपके तैयार आईटीआर को जेनरेट करते समय भी किया जाता है। जिन टैक्सपेयर्स के अकाउंट्स का ऑडिट करने की जरुरत नहीं है, उनके लिए वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2023-24) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2024 है।

इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ITR फाइल करने के तरीके

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को अपना इनकम टैक्स रिटर्न पूरी तरह से ऑनलाइन या आंशिक ऑफलाइन मोड के जरिये दाखिल करने की अनुमति देता है। JSON यूटिलिटी का उपयोग करके ITR दाखिल कर सकते हैं। आंशिक ऑफलाइन के जरिये टैक्सपेयर इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट के जरिये JSON यूटिलिटी फॉर्म डाउनलोड करना होगा। एक बार यूटिलिटी फॉर्म डाउनलोड हो जाने के बाद टैक्सपेयर को विशेष वित्तीय वर्ष के लिए लागू आय और अन्य आवश्यक जानकारी मैन्युअल रूप से भरनी होगी। आप डेटा को मैन्युअल रूप से भरने के बजाय JSON यूटिलिटी में भी डेटा इंपोर्ट कर सकते हैं। एक बार सभी डिटेल भरने के बाद स्कीमा इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।

JSON यूटिलिटी यहां से कर सकते हैं डाउनलोड

टैक्स फाइलिंग पोर्टल के जरिये ऑनलाइन आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में फाइल कर सकते हैं। टैक्सपेयर ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना अकाउंट लॉग इन करें और अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए 'आयकर रिटर्न दाखिल करें' विकल्प का उपयोग करें। आमतौर पर आय से संबंधित अधिकांश डिटेल स्वतः भर जाते हैं। हालांकि टैक्सपेयर को अंतिम रूप से जमा करने से पहले ऑनलाइन आईटीआर फॉर्म में सभी डिटेल की जांच करनी चाहिए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभी तक वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए ऑनलाइन आईटीआर फॉर्म जारी नहीं किया है। ध्यान रखें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के 31 मार्च 2024 को समाप्त होने से पहले ही आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं (फॉर्म दिसंबर 2023 और फरवरी 2024 के बीच अधिसूचित किए गए थे)। एक बार आईटीआर फॉर्म अधिसूचित हो जाने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म जारी करना जरूरी होता है। आमतौर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद अप्रैल में आईटीआर फॉर्म को अधिसूचित करता है।

ITR-1, 4 कौन कर सकता है फाइल?

टैक्सपेयर को अपनी आय के स्रोतों के आधार पर आईटीआर फॉर्म चुनना जरूरी है। आईटीआर 1 फॉर्म का वह टैक्सपेयर इस्तेमाल कर सकता है जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करता है।

वह व्यक्ति जो भारत का निवासी है। (ऑडनरी निवासी नहीं होने के अलावा)।

50 लाख रुपए तक की कुल आय हो।

वेतन, एक घर की संपत्ति, अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से आय और कृषि से आय 5000 रुपए तक हो।

इसी तरह, आईटीआर 4 फॉर्म व्यक्तिगत तौर पर, एचयूएफ और फर्मों (LLP के अलावा) के लिए लागू है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपए तक है और व्यवसाय और पेशे से आय है, जिसकी गणना धारा 44AD, 44ADA या 44AE और कृषि से आय 5000 रुपए के तहत की जाती है।

वेतनभोगी व्यक्तियों को इक्विटी शेयर, इक्विटी-उन्मुख म्यूचुअल फंड, डेब्ट म्यूचुअल फंड या किसी अन्य संपत्ति की बिक्री से पूंजीगत लाभ होता है। उन्हें आईटीआर -2 फॉर्म का उपयोग करके आईटीआर दाखिल करना जरुरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभी तक अन्य इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म जारी नहीं किए हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article