Income Tax: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया गया है कि भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर 75 साल से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को अब टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया, "सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को अब टैक्स नहीं देना पड़ेगा।" पीआईबी फैक्ट चेक ने बताया कि यह मैसेज फर्जी है।
वायरल पोस्ट का दावा
व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस फर्जी मैसेज में लिखा हुआ है- केंद्र सरकार ने किया बड़ा ऐलान, इन लोगों को अब नहीं देना होगा टैक्स। पोस्ट में जोर देकर कहा गया है कि 75 साल से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिक जिनकी आय सिर्फ पेंशन और ब्याज से ही आती है, उन्हें ITR दाखिल करने में छूट दी जाती है। वहीं, अगर कोई टैक्स लागू भी रहता है तो आय की गणना कर बैंक खुद उसे काट लेता है।
वरिष्ठ नागरिक की दो कैटेगरी
सबसे पहले ये जान लें कि इनकम टैक्स के उद्देश्य से भारत में वरिष्ठ नागरिकों की दो कैटेगरी है - पहला सीनियर सिटीजन और दूसरा सुपर सीनियर सिटीजन। 60 साल और इससे अधिक उम्र के लोगों को सीनियर सिटीजस कहा जाता है। वहीं, 80 साल और इससे अधिक उम्र के लोग सुपर सीनियर सिटीजन कहलाते हैं।
किसे इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना आवश्यक नहीं?
इनकम टैक्स के नियमों में वरिष्ठ नागरिकों को सरकार की तरफ से कई रियायत हासिल है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 का सेक्शन 194P 75 साल या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से छूट देने के लिए शर्तें प्रदान करता है। बता दें कि सेक्शन194P 1 अप्रैल 2021 से लागू है।
