बजट 2026

Budget 2024: बजट में बढ़ सकती है NPS पर मिलने वाली छूट, PFRDA की 12% तक बढ़ाने की मांग

NPS Tax Benefit: यदि किसी का ईपीएफ खाता है तो उसमें एम्प्लॉयर और कर्मचारी दोनों 12-12 फीसदी पैसा डालते हैं, जिस पर टैक्स छूट मिलती है। मगर एनपीएस में प्राइवेट सेक्टर के लिए ये छूट 10 फीसदी है, जिसे पीएफआरडीए 12 फीसदी तक कराना चाहता है। इससे प्राइवेट सेक्टर और सरकारी कर्मचारियों के बीच अंतर खत्म होगा।

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एनपीएस पर टैक्स बेनेफिट

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • 23 जुलाई को आएगा बजट
  • NPS पर टैक्स बेनेफिट लिमिट बढ़ाने की मांग
  • पीएफआरडीए ने उठाया मुद्दा

NPS Tax Benefit: कुछ ही दिन बाद केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2024-25 के लिए फुल बजट पेश करेगी। आगामी बजट में राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के सदस्यों को राहत दी जा सकती है। संभावित राहत के तहत एनपीएस सब्सक्राइबर्स को मिलने वाली टैक्स छूट सीमा बढ़ाकर 12 फीसदी की जा सकती है। अभी ये छूट 10 फीसदी है। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी। पेंशन फंड रेगुलटर पीएफआरडीए (PFRDA) ने टैक्स छूट बढ़ाने की सिफारिश की है। PFRDA के अनुसार ईपीएफओ की तरह एनपीएस में योगदान देने वाली कंपनियों और एम्प्लॉयर के लिए टैक्स छूट के मौके एक जैसे होने चाहिए।

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किस तरह मिलती है छूट

एनपीएस में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) पर 10% टैक्स छूट ली जा सकती है। मगर PF पर ये छूट लिमिट 12 फीसदी है। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह लिमिट और अभी अधिक 14 फीसदी है। माना जा रहा है कि सरकार पीएफआरडीए की मांग पर विचार करेगी।

नई टैक्स रिजीम में भी मिल सकती है राहत

अभी धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपये के स्वैच्छिक योगदान (Voluntary Contributions) के मामले में अतिरिक्त छूट का फायदा सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में मिलता है। मगर अब इस फायदे को नई टैक्स रिजीम में भी दिया जा कता है।

प्राइवेट कर्मचारियों को लाभ

यदि किसी का ईपीएफ खाता है तो उसमें एम्प्लॉयर और कर्मचारी दोनों 12-12 फीसदी पैसा डालते हैं, जिस पर टैक्स छूट मिलती है। मगर एनपीएस में प्राइवेट सेक्टर के लिए ये छूट 10 फीसदी है, जिसे पीएफआरडीए 12 फीसदी तक कराना चाहता है। इससे प्राइवेट सेक्टर और सरकारी कर्मचारियों के बीच अंतर खत्म होगा।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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