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Jobs In India: भारत को लाखों नौकरियों की जरूरत, तब बनेगा 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी

Jobs In India: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी खपत में वृद्धि हुई है।दोपहिया वाहनों की बिक्री से लेकर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) तक, कुल खपत बढ़ रही है। इसके अलावा आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025 के लिए आर्थिक विकास के अनुमान को अप्रैल में लगाए गए 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

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लाखों नौकरियों की जरूरत

Jobs In India:देश को अगले 5-6 सालों में लाखों नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. गीता गोपीनाथ ने यह बात कही हैं। उनके अनुसार भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 24) के दौरान भारत की वृद्धि उम्मीद से कहीं बेहतर रही। खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी खपत में वृद्धि हुई है। इसके अलावा दोपहिया वाहनों की बिक्री से लेकर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) तक की मांग ने रफ्तार दी है। जिसका असर दिख रहा है।

भारत जल्द टॉप-3 में शामिल होगा

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पहले से ही है और जल्द ही शीर्ष तीन वैश्विक आर्थिक शक्तियों में शामिल होने वाला है।

गोपीनाथ के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 24) के दौरान भारत की वृद्धि उम्मीद से कहीं बेहतर रही। सभी क्षेत्रों, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी खपत में वृद्धि हुई है।दोपहिया वाहनों की बिक्री से लेकर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) तक, कुल खपत बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया, "बेहतर मानसून के साथ बेहतर फसलें होती हैं और कृषि आय बढ़ती है।"

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में पैसेंजर व्हीकल्स, थ्री-व्हीलर्स, टू-व्हीलर्स का कुल उत्पादन 24,37,138 यूनिट तक पहुंच गया। पिछले साल जुलाई में टू-व्हीलर सेगमेंट में 12.5 फीसदी की अच्छी ग्रोथ देखी गई।

दूसरी तरफ, चुनौतियों के बावजूद भारत में एफएमसीजी मार्केट मजबूत बना हुआ है। मार्केटिंग रिसर्च फर्म कैंटर वर्ल्डपैनल के मुताबिक, ग्रामीण बाजार में एफएमसीजी सेक्टर में वित्त वर्ष 2024-25 में 6.1 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज हो सकती है, जो पिछले साल 4.4 फीसदी थी।रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण बाजार में वॉल्यूम शहरी बाजार के बराबर हो सकता है, जो फिलहाल ज्यादा है। ग्रामीण एफएमसीजी बाजार पहले से ज्यादा बड़ा है और सेक्टर के लिए करीब आधी वॉल्यूम और वैल्यू पैदा कर रहा है।

IMF और RBI ने जताई है ये उम्मीद

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025 के लिए आर्थिक विकास के अनुमान को अप्रैल में लगाए गए 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, अगर पिछले तीन वर्षों में भारत की औसत वृद्धि देखी जाए तो यह 8.3 प्रतिशत आती है। चालू वर्ष में उन्होंने 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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