फाइनेंशियल फ्रीडम और शुरुआती रिटायरमेंट की चाहत में हर निवेशक का एक सपना होता है कि उसके पास एक बड़ा फंड हो। अक्सर लोग सोचते हैं कि 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस (कोष) बनाने के लिए 20 साल या उससे अधिक का लंबा समय चाहिए। लेकिन अगर आपकी उम्र 35 साल हो चुकी है और आप अगले 10 सालों में यानी 45 की उम्र तक 1 करोड़ रुपये जुटाना चाहते हैं, तो यह पूरी तरह संभव है। हालांकि, इसके लिए आपको सही स्ट्रैटेजी और सही म्यूचुअल फंड का चयन करना होगा जिससे समय रहते इस लक्ष्य को हासिल किया जा सके। आइए आपको बताते हैं आप कैसे 10 साल में 1 करोड़ का फंड बना सकते हैं?
कितना निवेश करना होगा?
10 साल की समय सीमा में 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक यह है कि आप हर महीने कितना निवेश करते हैं और उस पर आपको कितना अनुमानित रिटर्न (Estimated Return) मिलता है। यदि हम इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में दीर्घकालिक औसत रिटर्न 12 प्रतिशत मानकर चलें, तो 35 साल की उम्र में आपको हर महीने लगभग 43,000 से 44,000 रुपये की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करनी होगी। 10 वर्षों में इस मासिक एसआईपी के जरिए आपका कुल निवेश लगभग 52.8 लाख रुपये होगा, जिस पर 12% वार्षिक रिटर्न के हिसाब से करीब 47.2 लाख रुपये का ब्याज/रिटर्न मिलेगा और आपका कुल कॉर्पस 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा।
कैसे पूरा होगा 1 करोड़ का सपना?
वहीं, अगर आपका पोर्टफोलियो थोड़ा अधिक एग्रेसिव (Aggressive) है और आप सही स्मॉल-कैप या फ्लेक्सी-कैप फंड्स चुनकर 15 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न हासिल कर लेते हैं, तो आपकी जरूरी SIP राशि काफी कम हो जाएगी। 15% सालाना रिटर्न के हिसाब से 10 साल में 1 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आपको हर महीने करीब 36,000 से 37,000 रुपये की एसआईपी करनी होगी। इस स्थिति में आपका कुल निवेश करीब 44 लाख रुपये होगा और आपको लगभग 56 लाख रुपये का बंपर रिटर्न मिलेगा। यानी रिटर्न की दर जितनी बेहतर होगी, आपकी जेब पर हर महीने का बोझ उतना ही कम पड़ेगा।
अगर आपको लगता है कि 35 की उम्र में एक साथ ₹35,000 से ₹44,000 हर महीने बचाना मुश्किल है, तो आप 'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-up SIP) की रणनीति अपना सकते हैं। स्टेप-अप एसआईपी के तहत आप शुरुआत में कम रकम (जैसे ₹20,000 या ₹25,000) से निवेश शुरू कर सकते हैं और हर साल अपनी आय में बढ़ोतरी के साथ एसआईपी की राशि में 10% से 15% का इजाफा कर सकते हैं। इससे शुरुआती सालों में बजट पर दबाव नहीं पड़ेगा और 10 साल में 1 करोड़ रुपये का पड़ाव आसानी से पार हो जाएगा।
फंड का सिलेक्शन कैसे करें?
35 से 45 साल की उम्र के बीच निवेश करते समय सही फंड्स का चुनाव बहुत जरूरी है। 10 साल का समय इक्विटी में निवेश के लिए पर्याप्त माना जाता है। इसलिए आप अपने कुल निवेश को लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप और मिड या स्मॉल-कैप फंड्स में डायवर्सिफाई (बंटवारा) कर सकते हैं। अनुशासन के साथ बिना एसआईपी रोके लगातार निवेश करते रहने से 45 की उम्र तक 1 करोड़ रुपये का सपना पूरी तरह साकार हो सकता है।
