Amin Hajee on Career After Lagaan: बॉलीवुड के जाने-माने स्टार आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म लगान (Lagaan) में बाघा का किरदार निभाने वाले अमीन हाजी (Amin Hajee) ने अपने करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। फिल्म में उनका किरदार ज्यादा बोलता नहीं था, लेकिन अपनी एक्टिंग और अंदाज से उन्होंने दर्शकों के दिल में खास जगह बना ली थी। हालांकि, इस फिल्म की कामयाबी के बाद उनकी मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ गईं। अब इन सब के बीच अमीन हाजी का एक नया इंटरव्यू सामने आया है। इस दौरान अमीन हाजी ने कई ऐसे खुलासे किए जिसने सबको हैरान कर दिया है। तो चलिए जानते हैं अमीन हाजी ने क्या कहा है।
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‘लगान’ के बाद क्यों रुक गया काम?
अमीन हाजी ने हाल ही में Siddharth Kannan से बातचीत में बताया कि लगान के बाद उन्होंने फिल्में साइन करना कम कर दिया था। इसकी वजह से उनकी पत्नी शार्लोट व्हिटबी-कोल्स उनसे काफी नाराज रहती थीं। उन्हें जो भी रोल मिल रहे थे, उनमें से ज्यादातर या तो बिना डायलॉग वाले किरदार थे या फिर बहुत छोटे रोल थे। अमीन को इन रोल्स में कुछ खास नजर नहीं आता था और स्क्रिप्ट उन्हें पसंद नहीं आती थीं। उनकी पत्नी ने बताया, “लगान के बाद जब भी कोई रोल आता था, तो वो कहते थे, ‘ये रोल बेकार है’ या ‘ये अच्छा नहीं है’ और ऐसी ही बातें करते थे। फिर मैंने उनसे कहा, ‘हम क्या करने वाले हैं? आपको काम करना होगा। आपको कोई काम करना ही पड़ेगा।’” अमीन हाजी ने आगे कहा, “सच कहूं तो ‘लगान’ की स्क्रिप्ट बहुत खास थी। ऐसा मौका जिंदगी में एक ही बार मिलता है। मैं खुशकिस्मत था कि मुझे ‘लगान’ मिली, लेकिन उसके बाद जितने भी ऑफर या स्क्रिप्ट मुझे सुनाई गईं, वो ‘लगान’ के सामने कुछ भी नहीं थीं। ‘लगान’ के बाद मैं पूरी तरह टूट गया था, क्योंकि उसके बाद मैं काम ही नहीं कर पाया। आप ये भी कह सकते हैं कि उन्होंने मुझे ‘लगान’ जैसी ताजमहल जैसी फिल्म दी, लिखने के लिए ‘स्वदेस’ (Swades) जैसा मौका दिया। मुझे आमिर खान (Aamir Khan) जैसा दोस्त दिया। इसके बाद मैं और क्या कर सकता था?”
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पैसों को लेकर हुई दिक्कत
अमीन हाजी ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव की वजह से आई पैसों की परेशानी के बारे में भी बात की। उन्होंने माना कि घर चलाना और बड़े शहर में जिस तरह की जिंदगी की उम्मीद की जाती है, उसे बनाए रखना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया था। विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) के साथ काम करने के दौरान उन्होंने अच्छी कमाई की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी कहानी ‘कोई जाने ना’ (Koi Jaane Na) पर काम करने का फैसला किया। इसे तैयार करने में उन्होंने आठ साल लगाए और इस फैसले के बाद उनकी फाइनेंशियल कंडीशन और मुश्किल हो गई। उस समय उन्हें खुद से सवाल होने लगा था कि कहीं स्थिर काम छोड़ना उनकी गलती तो नहीं थी। इन मुश्किल सालों में उनकी पत्नी शार्लोट उनका सबसे बड़ा सहारा बनी रहीं। उन्होंने अमीन को भरोसा दिलाया कि घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ उनकी नहीं है। उन्होंने अमीन को अपना फिल्म बनाने का सपना पूरा करने के लिए आगे बढ़ने के लिए कहा और ये भी भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वो फाइनेंशियल मदद करेंगी।
