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स्टॉक में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान, तभी होगी मोटी कमाई

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 3, 2023, 01:45 PM IST

How to Invest in Share market and Stock of company: भारत में डीमैट अकाउंट की संख्या 4 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ से ज्यादा हो गई है। साफ है कि निवेशक अब तेजी से स्टॉक मार्केट में निवेश कर रहे हैं। और उसके आकर्षण की एक बड़ी वजह ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है।

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स्टॉक मार्केट में निवेश के टिप्स

How to Invest in Share market and Stock of company: भारतीय स्टॉक मार्केट में छोटे निवेशकों का क्रेज बढ़ता जा रहा है। साल 2020 से 2022 के दौरान डीमैट अकाउंट की संख्या 4 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ से ज्यादा हो गई है। साफ है कि निवेशक अब तेजी से स्टॉक मार्केट में निवेश कर रहे हैं। शेयर बाजार के आकर्षण की एक बड़ी वजह ज्यादा रिटर्न की उम्मीद है। अक्सर यह खबरें आती हैं कि एक शेयर ने बेहद कम समय में 2 से 3 गुना रिटर्न दिया। लेकिन इन खबरों के साथ ऐसी खबरें भी आती है कि इस शेयर ने निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। साफ है कि शेयर बाजार में हाई रिटर्न से लेकर कम रिटर्न का चांस होता है। ऐसे में स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने से पहले कई अहम बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है...

केवल पुराने रिकॉर्ड को निवेश की वजह न बनाएं

आम तौर पर निवेशक, किसी शेयर में निवेश करते वक्त, उसके पुराने रिटर्न को खास तवज्जो देते हैं। लेकिन किसी स्टॉक का पुराना हाई रिटर्न केवल निवेश काआधार नहीं बनी सकता है। बल्कि यह भी देखना चाहिए कि शेयर कितना महंगा हो चुका है,उसके फंडामेंटल कैसे हैं। साथ ही उसके आगे ग्रोथ के क्या चांस है। वह मल्टी बैगर स्टॉक बन सकता है क्या ?

शेयर की वैल्‍यू देखें

निवेश करते समय केवल शेयर का प्राइस नहीं देखे बल्कि यह भी देखें कि उसका वैल्युएशन कैसा है। P/E यानी प्राइस और अर्निंग अनुपात बताता है कि मौजूदा कीमत पर कोई शेयर महंगा या सस्ता है। P/E जितना ज्यादा होगा, शेयर उतना महंगा है। इस बात को गांठ बाध कर रख लेना चाहिए।

कंपनी पर कर्ज और कैश फ्लो

निवेश करने से पहले इस बात को भी देखना चाहिए कि कंपनी पर कर्ज का बोझ कितना है। और वह उसे चुकाने में कितना सक्षम है। अगर कंपनी कैश फ्लो जेनरेट कर रही है तो इसका मतलब यह हुआ कि आगे ग्रोथ के अच्छे मौके हैं।इसी तरह कंपनी का EPS एक बड़ा सूचकांक होता है। कंपनी के रेवेन्यू, मार्जिन और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी हो रही है या नहीं इसका पता EPS से पता चलता है।मैनेजमेंट का कैसा है ट्रैक रिकॉर्ड

कंपनी का मैनेजमेंट रिकॉर्ड देखें

निवेश करने से पर से कंपनी के मैनेजमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड भी देखें। वह आपके निवेश की राह काफी हद तक आसान कर सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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