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कहीं आपका LIC में तो नहीं है Unclaimed पैसा,ऐसे चेक कर निकाले अपनी पूंजी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 13, 2023, 02:27 PM IST

How to check and claim unclaimed amount of LIC: कई बार ऐसा होता है कि एलआईसी की पॉलिसी मेच्योर होने के बाद भी पॉलिसी होल्डर को इसकी जानकारी नहीं रहती है और वह किसी कारण से मेच्योरिटी का पैसा नहीं निकाल पाता है। और उसका पैसा सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर फंड में जमा हो जाता है

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ऐसे निकाले एलआईसी से अनक्लेम्ड पैसा

How to check and claim unclaimed amount of LIC:एलआईसी के देश भर में 28 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी होल्डर हैं। और इसके देश के हर कोने में हर वर्ग के ग्राहक हैं। ऐसे भी लोग हैं जो कंपनी में पीढ़ियों से निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा आम तौर एलआईसी पॉलिसी लंबी अवधि के लिए होती है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि पॉलिसी मेच्योर होने के बाद भी पॉलिसी होल्डर को इसकी जानकारी नहीं रहती है और वह किसी कारण से मेच्योरिटी का पैसा नहीं निकाल पाता है। इसके अलावा कई बार पॉलिसी होल्डर की मौत के बाद नॉमिनी इंश्योर्ड राशि को क्लेम नहीं कर पाता है। इन परिस्थितियों में मेच्योरड राशि Unclaimed Amount के रुप में पड़ी रहती है।

ऐसे चेक करें कितना फंसा है पैसा

अगर कोई व्यक्ति यह जानना चाहता है कि एलआईसी पॉलिसी का कोई पैसा Unclaimed Amount के रुप में जमा है, तो उसे पता करने का आसान तरीका है। इसके लिए एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट https://licindia.in पर जाना होगा। इसके बाद सबसे नीचे, दाई ओर दिए गए विकल्‍पों में Unclaimed Amounts of Policyholders दिखेगा। जिस पर क्लिक करने के बाद एक विंडो ओपेन होगी। जिसमें पॉलिसी नंबर, पॉलिसीहोल्डर का नाम, जन्मतिथि और पैन कार्ड आदि की डिटेल्स फीड करनी होगी। अगर एलआईसी में उस पॉलिसी होल्ड का कोई पैसा है तो वह सबमिट पर क्लिक करते ही दिख जाएगा।

ऐसे क्‍लेम करें पैसा

Unclaimed Amount का पैसा सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर फंड में जमा हो जाता है। उसे निकालने के लिए किसी भी एलआईसी के ऑफिस में संपर्क किया जा सकता है। जहां पर जरूरी आवेदन प्रक्रिया पूरी करना होगी। इसमें केवाईसी सबसे अहम होती है। सभी तरह की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद एलआईसी आवेदक के बैंक अकाउंट में पैसा जमा कर देती है। एक अहम बात यह भी है कि Unclaimed Amount के रुप में सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर फंड में ट्रांसफर किया हुआ पैसा केवल 25 साल तक क्लेम किया जा सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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