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Iran-Israel War: भारत को ईरान और इजराइल की कितनी जरूरत, कितना है कारोबार, जंग से देश को होंगे आर्थिक नुकसान !

Iran-Israel War Impact On India: भारत ने 1992 में इजराइल के साथ राजनयिक संबंध बनाए। इसके बाद दोनों देशों में कारोबार काफी बढ़ा। 1992 में 20 करोड़ डॉलर से ये वित्त वर्ष 2022-23 में 10.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जबकि इसमें डिफेंस ट्रेड शामिल नहीं है।

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ईरान-इज़रायल युद्ध का भारत पर प्रभाव

KEY HIGHLIGHTS
  • ईरान-इजराइल में जंग
  • भारत भी होगा प्रभावित
  • भारत का दोनों देशों से कारोबार

Iran-Israel War Impact On India: ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान ने 1 अक्टूबर की रात को इजराइल पर ताबड़तोड़ कई मिसाइल दागीं। इसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस जंग का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि भारत के ईरान और इजराइल दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं। भारत दोनों देशों से ट्रेड भी करता है। ऐसे में अगर इन देशों में लड़ाई बढ़ती है तो इसका भारत पर क्या आर्थिक असर दिखेगा, आगे जानिए।

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इजराइल के साथ कारोबार बढ़ा

भारत ने 1992 में इजराइल के साथ राजनयिक संबंध बनाए। इसके बाद दोनों देशों में कारोबार काफी बढ़ा। 1992 में 20 करोड़ डॉलर से ये वित्त वर्ष 2022-23 में 10.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जबकि इसमें डिफेंस ट्रेड शामिल नहीं है।

बीते चार सालों में ही दोनों देशों के बीच कारोबार दोगुना हुआ है। 2018-19 में 5.56 अरब डॉलर से करीब दोगुना होकर ये 2022-23 में 10.7 अरब डॉलर हो गया।

FY 24 में कितना हुआ कारोबार

FY 2023-24 के पहले 10 महीनों (अप्रैल-जनवरी) में भारत और इजराइल के बीच द्विपक्षीय कारोबार 5.75 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार एशिया में इजराइल का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी पार्टनर भारत ही है।

कौन किसे क्या बेचता है

भारत से इजराइल डीजल, हीरे, विमानन टरबाइन ईंधन, रडार इक्विपमेंट, बासमती चावल, टी-शर्ट और गेहूं खरीदता है। जबकि भारत इजराइल से स्पेस इक्विपमेंट, पोटेशियम क्लोराइड, मेकैनिकल एप्लायंस, थ्रस्ट के टर्बो जेट और प्रिंटेड सर्किट मंगाता है।

ईरान के साथ रिश्ते और कारोबार

बीते पांच साल में भारत और ईरान के बीच ट्रेड घटा है। FY23 में भारत का 59वां सबसे बड़ा कारोबारी पार्टनर ईरान था, जिसके साथ 2.33 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। मगर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दोनों देशों के बीच कारोबार घटा।

किसने किससे क्या खरीदा

2022-23 में 2.33 अरब डॉलर के कारोबार में से ईरान ने भारत से 1.66 अरब डॉलर का सामान खरीदा, जबकि ईरान से भारत ने 0.67 अरब डॉलर का सामान खरीदा। भारत ईरान को मीट, स्किम्ड मिल्क, छाछ, घी, प्याज, लहसुन और डिब्बाबंद सब्जियां बेचता है और मिथाइल अल्कोहल, पेट्रोलियम बिटुमेन, लिक्विफाइड ब्यूटेन, सेब, लिक्विफाइड प्रोपेन, खजूर और बादाम खरीदता है।

भारत को क्या हो सकता है नुकसान

ईरान और इजराइल युद्ध के चलते सबसे पहले तो तेल की कीमत बढ़ी है। यही भारत के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि तेल महंगा होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ता है। तेल कंपनियां प्रभावित होंगी। वहीं भारत की पेंट और टायर कंपनियों पर भी असर पड़ेगा, जो क्रूड पर काफी निर्भर होती हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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