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दिल्ली-एनसीआर समेत देश के प्रमुख 7 शहरों में बढ़ी घरों की कीमतें, 33 फीसदी तक बढ़े दाम

Average House Price Rises: एनारॉक के रीजनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड प्रशांत ठाकुर ने कहा है कि मजबूत मांग और बढ़ी हुई लागत के कारण टॉप सात शहरों में औसत आवास कीमतों में जोरदार वृद्धि हुई।

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घरों की औसत कीमतें बढ़ीं

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • घरों की कीमतों में इजाफा
  • देश के प्रमुख 7 शहरों में बढ़े रेट
  • 33 फीसदी तक का हुआ इजाफा

Average House Price Rises: देश के सात प्रमुख शहरों में पिछले तीन साल के दौरान घरों की औसत (Average House Price) कीमतें 13-33 प्रतिशत के दायरे में बढ़ी हैं। रियल एस्टेट सलाहकार फर्म एनारॉक (Anarock) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद के गाचीबावली में पिछले तीन वर्षों में घरों की औसत कीमतें सबसे अधिक 33 प्रतिशत बढ़ीं। गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया कि हैदराबाद के कोंडापुर में कीमतें 31 प्रतिशत और बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में आवास की कीमतें 29 प्रतिशत बढ़ीं।

क्यों बढ़ी कीमतें

एनारॉक के रीजनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड प्रशांत ठाकुर ने कहा है कि मजबूत मांग और बढ़ी हुई लागत के कारण टॉप सात शहरों में औसत आवास कीमतों में जोरदार वृद्धि हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के प्रमुख क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों के दौरान औसत कीमतें 13-27 प्रतिशत के बीच बढ़ीं।

ग्रेटर नोएडा में कितनी बढ़ी कीमतें

एनसीआर के ग्रेटर नोएडा पश्चिम में औसत कीमतें 27 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि एमएमआर के लोवर परेल में कीमतों में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बेंगलुरु का व्हाइटफील्ड तीन साल की अवधि में 29 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ तीसरे स्थान पर है, जहां कीमतें 4,900 रुपये प्रति वर्ग फुट से 6,325 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गईं।

कीमतें बढ़ने के बावजूद जोरदार महंगाई

ठाकुर के अनुसार अक्टूबर का खत्म होना त्योहारी सीज़न के अंत का प्रतीक माना जाता है। इसी के साथ आमतौर पर वर्ष की तेज आवास बिक्री का दौर भी खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि 2020 में कीमतों में स्थिरता रही थी। उससे 2023 बिल्कुल अलग है, जब मजबूत मांग के चलते टॉप 7 शहरों में आवास बिक्री नए शिखर पर पहुंच गई है। ये बिक्री 2014 के पिछले शिखर से कहीं अधिक है। 2020 के कोरोना वाले साल तक, इन शहरों में औसत आवासीय कीमतें काफी हद तक सीमित रही थीं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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