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Housing Demand: छोटे शहरों में घरों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, मिडिल क्लास की पॉकेट में ये सिटी

Housing Demand In Smaller Cities: संपत्ति की कीमतों में कम वृद्धि की संभावनाओं के दम पर मझोले शहरों ने बड़े शहरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। किफायती आवास के कारण इन शहरों में बढ़ते मध्यम वर्ग के लिए अपना मकान खरीदना आसान हुआ है।

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घरों की बिक्री में तेजी

Housing Demand In Smaller Cities:घरों की मांग में बढ़ोतरी केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बीते वित्त 2023-24 में 30 मझोले शहरों में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.08 लाख इकाई हो गई है। जबकि इसके पहले वित्त वर्ष 2022-23 में यह 1,86,951 इकाई थी। अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, नासिक, गांधीनगर, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और मोहाली का इन 30 मझोले शहरों की कुल बिक्री में 80 प्रतिशत का योगदान रहता है।

क्या कहती है रिपोर्ट

रियल एस्टेट डेटा विश्लेषक कंपनी प्रॉपइक्विटी ने मझोले शहरों के आवासीय बाजार पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की।आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में आवासीय बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 2,07,896 इकाई हो गई, जबकि इससे गत वित्त वर्ष में यह 1,86,951 इकाई थी।

अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, नासिक, गांधीनगर, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और मोहाली का इन 30 मझोले शहरों की कुल बिक्री में 80 प्रतिशत का योगदान रहता है।इन 10 शहरों में 2023-24 में कुल 1,68,998 आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई, जो 2022-23 में 1,51,706 इकाई की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।

इन शहरों में अच्छी डिमांड

अन्य मझोले शहर भोपाल, लखनऊ, गोवा, कोयम्बटूर, रायपुर, विजयवाड़ा, इंदौर, कोच्चि, त्रिवेंद्रम, मैंगलोर, गुंटूर, भिवाड़ी, देहरादून, लुधियाना, चंडीगढ़, आगरा, मैसूर, सोनीपत, पानीपत और अमृतसर हैं। प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक समीर जसूजा ने कहा कि संपत्ति की कीमतों में कम वृद्धि की संभावनाओं के दम पर मझोले शहरों ने बड़े शहरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि किफायती आवास के कारण इन शहरों में बढ़ते मध्यम वर्ग के लिए अपना मकान खरीदने का सपना साकार हो रहा है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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