दुनिया अभी सीजफायर की खबरों से राहत महसूस कर ही रही थी कि मध्य पूर्व से आई एक खबर ने पूरी दुनिया को फिर से चिंता में डाल दिया है। सीजफायर के उल्लंघन की खबरों के बीच ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz Shutdown Again) को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। ईरान का दावा है कि समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते वह अब सीजफायर से पूरी तरह बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। इस एक फैसले ने वैश्विक बाजार की गणित बिगाड़ दी है। खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लग गई है और भारतीय बाजार के संकेत देने वाला GIFT Nifty धड़ाम से नीचे गिर गया है, जिससे शेयर बाजार में निवेशकों के अरबों रुपये डूबने का खतरा बढ़ गया है।
सीजफायर हुआ फेल? क्यों भड़का ईरान?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के दावों के बावजूद धरातल पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। बुधवार को ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), को पूरी तरह बंद कर जहाजों की आवाजाही रोक दी। ईरान ने दोटूक चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर इजरायल के हमले नहीं थमे, तो वह अमेरिका के साथ हुए सीजफायर समझौते से बाहर निकल जाएगा। फार्स न्यूज एजेंसी और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने तेल टैंकरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जलमार्ग बंद है, जिसके कारण कई जहाज बीच समुद्र में ही फंस गए हैं।
यह संकट ऐसे समय में गहराया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगाई हुई है। इसके उलट, इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। इजरायल और व्हाइट हाउस दोनों ने स्पष्ट किया है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता क्योंकि वहां हिजबुल्लाह सक्रिय है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है, जिसके चलते लेबनान के एयरपोर्ट के नजदीकी इलाकों में बमबारी जारी है।
बाजार पर पड़ा 'तेल का झटका'
होर्मुज के बंद होने का सीधा और सबसे खतरनाक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। जैसे ही इसके बंद होने की खबर फ्लैश हुई, ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा की जबरदस्त उछाल देखने को मिली है। तेल की कीमतों में यह तेजी भारत जैसे उन देशों के लिए बहुत बुरा संकेत है जो अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करते हैं। इससे न केवल देश का व्यापार घाटा बढ़ेगा, बल्कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और देश की महंगाई दर पर पड़ेगा।

Hormuz Shutdown Again
शेयर बाजार में हाहाकार और निवेशकों का डर
गुरुवार को गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) से मिलने वाले संकेत भारतीय बाजार के लिए अच्छे नहीं हैं। यह सेंसेक्स और निफ्टी में गैप-डाउन ओपनिंग (गिरावट के साथ शुरुआत) की ओर इशारा कर रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, गिफ्ट निफ्टी अपने पिछले बंद स्तर से 136.6 अंक लुढ़ककर 23950.5 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में पूरी संभावना है कि आज दलाल स्ट्रीट पर कारोबार की शुरुआत लाल निशान के साथ होगी और निवेशकों को बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
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