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Delhi Shop Rent Hike: आसमान छू रहा दिल्ली के पॉश इलाकों में दुकानों का किराया, जानें खान मार्केट और कनॉट प्लेस के नए रेट्स

Delhi Shop Rent Hike: रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति से दिल्ली-एनसीआर के पॉश बाजारों (जैसे खान मार्केट और साउथ एक्सटेंशन) में दुकानों का सालाना किराया 2-10% बढ़ा है, जबकि रिटेल लीजिंग दोगुनी हुई है।

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दिल्ली के पॉश बाजारों के दुकानों के किराये में लगी आग!

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Delhi Shop Rent Hike : दिल्ली-एनसीआर के सबसे मशहूर और महंगे बाजारों में अपनी दुकान खोलने की चाहत रखने वालों की जेब अब और ढीली होने वाली है। इस साल अप्रैल से जून की तिमाही (दूसरी तिमाही) के दौरान इन इलाकों में खुदरा (रिटेल) दुकानों के किराये में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। रियल एस्टेट से जुड़ी मशहूर सलाहकार कंपनी 'कुशमैन एंड वेकफील्ड' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मांग बहुत ज्यादा होने और उस मुकाबले अच्छी दुकानों की कमी के कारण इन बाजारों का सालाना किराया 2 प्रतिशत से लेकर 10 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

खान मार्केट: देश का सबसे महंगा बाजार और महंगा हुआ

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक देश के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित बाजार खान मार्केट में इस साल दुकानों का किराया 9 प्रतिशत तक बढ़ गया है। जून तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, यहां दुकानों का मासिक किराया 1,700 रुपये से लेकर 1,800 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यापारी खान मार्केट में एक छोटी सी भी दुकान लेता है, तो उसे हर महीने लाखों रुपये सिर्फ किराये के रूप में चुकाने होंगे। यह बढ़ोतरी पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले दर्ज की गई है।

साउथ एक्सटेंशन और कनॉट प्लेस में भी उछाल

अगर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की बात करें, तो राजधानी के साउथ एक्सटेंशन (भाग 1 और 2) में किराये में सबसे बड़ा उछाल देखा गया है। यहां सालाना किराया 10 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिसके बाद अब यहां का मासिक किराया 850 रुपये से 900 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। इसके अलावा, दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (सीपी) के इनर सर्किल में भी दुकानों का किराया 2 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे यहां का किराया 1,250 रुपये से 1,300 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह पर पहुंच गया है।

करोल बाग और ग्रेटर कैलाश का हाल

दिल्ली के दूसरे बड़े बाजारों में भी लगभग ऐसा ही रुख देखने को मिल रहा है। ग्रेटर कैलाश-1 (एम ब्लॉक) में किराया 2 प्रतिशत बढ़कर 490 रुपये से 510 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। वहीं, करोल बाग जैसे व्यस्त व्यापारिक इलाके में भी दुकानों का किराया 2 प्रतिशत बढ़ा है, जो अब 415 रुपये से 425 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो चुका है। हालांकि, उत्तर दिल्ली के कमला नगर बाजार में व्यापारियों को थोड़ी राहत मिली है; यहां किराया पूरी तरह स्थिर रहा और यह 490 रुपये से 510 रुपये प्रति वर्ग फुट के पुराने स्तर पर ही बना हुआ है।

दिल्ली से सटे नोएडा और गुरुग्राम में कितनी बढ़ी कीमतें?

किराये में बढ़ोतरी का यह असर सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर के शहरों में भी देखा जा रहा है। गुरुग्राम के सबसे लोकप्रिय गैलेरिया मार्केट में किराया 4 प्रतिशत बढ़कर 1,250 रुपये से 1,350 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। वहीं, गुरुग्राम के ही सेक्टर-29 में दुकानों का किराया 3 प्रतिशत बढ़कर 180 रुपये से 200 रुपये प्रति वर्ग फुट रहा। दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-18 बाजार में भी काफी चहल-पहल बढ़ी है, जिसके चलते यहां किराया 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 210 रुपये से 230 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया है।

दुकानों की मांग में भारी तेजी

कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट से यह भी साफ हुआ है कि दिल्ली-एनसीआर में नई दुकानों और शोरूम की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है। अप्रैल-जून की इस तिमाही में शॉपिंग मॉल और इन महंगे बाजारों में कुल मिलाकर 6.7 लाख वर्ग फुट जगह पट्टे (लीज) पर ली गई। अगर पिछले साल के आंकड़ों से तुलना करें, तो यह पिछले साल की समान अवधि (3 लाख वर्ग फुट) के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। इस कुल जगह में से 63 प्रतिशत हिस्सा बड़े शॉपिंग मॉल्स का रहा, जबकि बाकी 37 प्रतिशत हिस्सा मुख्य सड़कों पर बनी दुकानों का रहा। इससे साफ पता चलता है कि बाजार में मंदी के बावजूद बड़े ब्रांड्स और व्यापारी इन पॉश इलाकों में अपनी जगह बनाने के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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