EPFO Passbook Portal : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों अंशधारकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पिछले करीब दो हफ्तों से बंद पड़ा EPFO का पासबुक पोर्टल आखिरकार फिर से ऑनलाइन शुरू हो गया है। डेटाबेस को मजबूत करने और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने के काम (EPFO Passbook Portal software upgrade) की वजह से यह सेवा अस्थायी रूप से रोकी गई थी। अब पोर्टल के दोबारा शुरू होने से पीएफ खाताधारक एक बार फिर लॉग इन करके अपने भविष्य निधि खाते का स्टेटमेंट देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
पिछले सालों के ट्रांजैक्शन का डेटा धीरे-धीरे होगा उपलब्ध
जब आप पासबुक पोर्टल पर लॉग इन करेंगे, तो वहां आपको एक जरूरी सूचना दिखाई देगी। इस नोटिस में लिखा है, "हाल ही में पूरे किए गए अकाउंटिंग वर्षों के लेनदेन (Transactions) फिलहाल उपलब्ध हैं। इससे पहले के वर्षों के लेनदेन का डेटा अभी माइग्रेट (स्थानंतरित) किया जा रहा है और अगले कुछ दिनों के भीतर इसे भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह एक ऑटोमैटिक प्रक्रिया है, इसलिए खाताधारकों को इसके लिए कुछ भी करने की जरूरत नहीं है।
26 जून से चल रहा था अपग्रेडेशन का काम
EPFO के डिजिटल प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और कुशल बनाने के लिए 26 जून से इस डेटा माइग्रेशन और तकनीकी अपग्रेड की शुरुआत की गई थी। इस बीच संगठन ने ऑनलाइन सदस्य और नियोक्ता (Employer) सेवाओं के निलंबन को कई बार आगे बढ़ाया, जिससे पोर्टल दोबारा शुरू होने में थोड़ी देरी हुई। हालांकि अब सेवाएं काम कर रही हैं, लेकिन पीएफ दावों (PF Claims) और अन्य अनुरोधों के निपटारे में अभी थोड़ा और समय लग सकता है।
15 जुलाई से खाते में क्रेडिट होगा 8.25% ब्याज
इस पासबुक पोर्टल का ठीक इसी समय चालू होना करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बेहद अहम है। दरअसल, EPFO आगामी 15 जुलाई से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्राहकों के ईपीएफ खातों में 8.25% की दर से सालाना ब्याज की रकम जमा करने की तैयारी में है। ऐसे में लाखों खाताधारक अपने खाते में ब्याज का पैसा चेक करने के लिए इसी पासबुक पोर्टल का इस्तेमाल करेंगे।
यूनिफाइड मेंबर पोर्टल में भी हुआ बड़ा बदलाव
पासबुक सुविधा की बहाली से पहले, EPFO ने तकनीकी सुधारों के तहत अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल को भी नए रूप में पेश किया है। इसकी चरणबद्ध शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी, जिसका उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत करना और यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाना है। संगठन के नोटिस के अनुसार, पोस्ट-माइग्रेशन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में अगले दो हफ्तों के दौरान पीएफ दावों और अन्य सेवा अनुरोधों को धीरे-धीरे प्रोसेस किया जाएगा। इस दौरान डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त जांच और वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है।
पीक आवर्स में बार-बार प्रयास करने से बचें
EPFO ने सिस्टम पर अचानक बढ़ते लोड को देखते हुए यूजर्स को एक खास सलाह दी है। संगठन ने कहा है कि खाताधारक पीक आवर्स (व्यस्त समय) के दौरान ऑनलाइन सेवाओं का बार-बार इस्तेमाल करने या एक ही रिक्वेस्ट को बार-बार भेजने से बचें, क्योंकि इससे सर्वर की प्रोसेसिंग स्पीड पर असर पड़ सकता है और काम में देरी हो सकती है।
अब केवल उमंग ऐप से होगा UAN एक्टिवेशन
इस बड़े तकनीकी अपग्रेड के बाद यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करने के नियमों में भी बड़ा बदलाव आया है। EPFO ने अब यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए UAN एक्टिवेशन की सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब मेंबर केवल 'उमंग' (UMANG) मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ही अपना UAN एक्टिवेट कर पाएंगे, जिसके लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि माइग्रेशन प्रक्रिया के चलते फिलहाल उमंग ऐप पर EPFO की सेवाएं अस्थाई रूप से बंद हैं और ऐप पर एक नोटिस दिख रहा है कि ये सेवाएं जल्द ही दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। पिछले कुछ वर्षों में यह EPFO का सबसे लंबा मेंटेनेंस पीरियड था, जिससे करोड़ों सब्सक्राइबर्स और नियोक्ताओं को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
