देश के 50 बड़े शहरों में पिछले साल घरों की बिक्री की संख्या में थोड़ी गिरावट आई। कुल मिलाकर लगभग 6.14 लाख घरों की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 3 प्रतिशत कम है। हालांकि, घरों की संख्या कम बिकी, लेकिन उनकी कुल कीमत बढ़ गई। पिछले साल बेचे गए घरों की कुल कीमत लगभग 8.46 लाख करोड़ रुपये रही, जो पहले के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत ज्यादा है।
रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख संगठनों CREDAI (क्रेडाई) और Liases Foras की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मतलब है कि भले ही घर कम बिके हों, लेकिन घरों की कीमतों में बढ़ोतरी होने की वजह से बाजार का कुल मूल्य बढ़ गया।
रियल एस्टेट क्षेत्र के संगठन CREDAI और शोध कंपनी Liases Foras ने भारत के 50 बड़े शहरों के आवासीय रियल एस्टेट बाजार पर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में हाउसिंग मार्केट लगातार मजबूत बना हुआ है। लोगों की बेहतर और बड़े घरों की चाहत बढ़ रही है, जिससे महंगे और प्रीमियम घरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
रियल एस्टेट बाजार को मजबूती मिल रही
इसके अलावा शहरों में सड़क, मेट्रो और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के कारण भी रियल एस्टेट बाजार को मजबूती मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इन कारणों से घरों की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है और आने वाले समय में भी आवास बाजार मजबूत रहने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक देश के 50 बड़े शहरों के प्राथमिक आवास बाजार में 2025 में कुल 6,14,235 घरों की बिक्री हुई, जबकि 2024 में यह संख्या 6,33,134 इकाई थी। इस तरह घरों की बिक्री की संख्या में लगभग 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
हालांकि, अगर कुल मूल्य की बात करें तो स्थिति अलग है। 2024 में घरों की बिक्री का कुल मूल्य 7,29,112 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 8,46,648 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है कि बिक्री की संख्या थोड़ी कम हुई, लेकिन घरों की बढ़ती कीमतों के कारण कुल बिक्री मूल्य में लगभग 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
(इनपुट-भाषा)
