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भारत के 4 राज्यों में छुपा है सोने का भंडार, बहुत कम लोगों को है इसकी जानकारी

Gold Reserves in India: क्या आप जानते हैं भारत के पास खुद भी सोने के विशाल खनिज संसाधन मौजूद हैं। जी हां, देश के 4 राज्यों में सोने के भंडार मौजूद हैं।

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Gold Reserves (AI Generated Image)

Gold Reserves in India: भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। देश हर साल बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है, लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि भारत के पास खुद भी सोने के विशाल खनिज संसाधन मौजूद हैं। जी हां, भारत में हजारों टन सोने के अयस्क संसाधन मौजूद हैं, जिनमें से केवल एक हिस्से का ही दोहन किया गया है। इस आर्टिकल में आपको भारत की कुछ प्रमुख सोने की खदानों की ही जानकारी दे रहे हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है-

कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF)

सबसे पहले बात कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) की करते हैं, जो कि कर्नाटक राज्य में स्थित है। यह भारत की सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक सोने की खदानों में से एक है। इसकी शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान 1880 में हुई थी। यह कभी भारत की सबसे बड़ी सोना उत्पादक खदान थी और अपने संचालन काल में लगभग 800 टन सोना निकाल चुकी है। हालांकि आर्थिक और पर्यावरणीय कारणों से इसे 2001 में बंद कर दिया गया था।

हट्टी गोल्ड माइंस

इसके बाद कर्नाटक राज्य में ही स्थित दूसरी खदान हट्टी गोल्ड माइंस (Hutti gold mines) भारत की सबसे महत्वपूर्ण सक्रिय सोना खदान मानी जाती है। इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 2,000 वर्ष से भी अधिक पुरानी बताई जाती है। यह खदान भूमिगत और ओपन-पिट दोनों तरीकों से खनन करती है तथा देश के घरेलू सोना उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

गणाजुर गोल्ड माइन

इसी तरह, कर्नाटक में स्थित गणाजुर गोल्ड माइन (Ganajur Gold Mine) निजी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जाती है। इस खदान को विकसित करने के लिए वर्षों तक प्रयास किए गए, लेकिन विभिन्न मंजूरी संबंधी चुनौतियों के कारण इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हो सका। फिर भी इसे भारत की संभावनाशील सोना परियोजनाओं में गिना जाता है।

सोनभद्र गोल्ड क्षेत्र

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में स्थित सोनभद्र गोल्ड क्षेत्र (Sonbhadra gold mines) का नाम कुछ वर्षों पहले सोने के संभावित भंडारों को लेकर चर्चा में आया था। यहां कई क्षेत्रों में सोने से जुड़े खनिज संसाधनों की पहचान की गई है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में बताए गए विशाल भंडारों को बाद में आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट किया गया था। इसके बावजूद यह क्षेत्र खनिज संभावनाओं के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है।

जोन्नागिरी गोल्ड माइन

आंध्र प्रदेश में मौजूद जोन्नागिरी गोल्ड माइन (Jonnagiri gold mine) हाल के वर्षों में काफी चर्चा में रही है। यह भारत की पहली बड़े पैमाने की निजी क्षेत्र की सोना खनन परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना के व्यावसायिक उत्पादन से देश में निजी निवेश के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

रामागिरी गोल्ड माइन

आंध्र प्रदेश में ही स्थित रामागिरी गोल्ड माइन (Ramagiri gold mine) की बात करें तो इसका इतिहास भी ब्रिटिश काल से जुड़ा हुआ है। यहां पहले बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियां संचालित की गई थीं। वर्तमान में इस क्षेत्र में दोबारा खनन शुरू करने की संभावनाओं पर अध्ययन और खोज कार्य किए जा रहे हैं।

लावा गोल्ड माइन

वहीं, झारखंड में स्थित लावा गोल्ड माइन (Lava gold mine)एक कम चर्चित खदान है। हालांकि माना जाता है कि इस क्षेत्र में भविष्य में सोना उत्पादन की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। आधुनिक तकनीक और निवेश मिलने पर यह क्षेत्र देश के महत्वपूर्ण सोना उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

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Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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