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Sensex 715 और Nifty 191 अंक लुढ़कर बंद, निवेशकों के 4 लाख करोड़ साफ, लगातार तीसरे दिन फिसला बाजार

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 715 अंक और निफ्टी 191 अंक लुढ़ककर बंद हुआ। खासतौर पर बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

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शेयर बाजार में कमजोरी का रुख

Stock Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक (0.92%) गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 191.45 अंक (0.79%) टूटकर 23,996.25 पर आ गया और 24,000 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,961.40 तक और सेंसेक्स 76,641.19 तक लुढ़क गया।

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली का रहा। इसके अलावा बढ़ती अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। लगातार गिरावट के चलते भारतीय बाजार के निवेशकों को 4 लाख करोड़ का झटका लगा है। बिकवाली के चलते भारतीय बाजार का मार्केट कैप भी घटकर 5 लाख करोड़ डॉलर से नीचे आ गया है।

कमजोर हुई मार्केट ब्रेड्थ

बाजार में गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी में केवल 10 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 40 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। यह बताता है कि बिकवाली पूरे बाजार में फैली हुई थी। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। Nifty Bank जहां 1.23% की गिरावट के साथ बंद हुआद्य। वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.29% की गिरावट आई। इसी तरह निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.39% और निफ्टी पीएसयू बैंक 1.84% लुढ़कर बंद हुआ।

बैंकिंग के अलावा Nifty IT में 1.50% की गिरावट आई है। हालांकि, गिरते बाजार में ऑटो और FMCG सेक्टर ने कुछ मजबूती दिखाई। निफ्टी ऑटो 0.18% और FMCG इंडेक्स 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ।

आखिर क्यों टूटा बाजार?

1. कच्चे तेल में तेज उछाल : ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जो पांच सप्ताह का उच्च स्तर है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता निवेशकों को सताने लगी।

2. पश्चिम एशिया में तनाव : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ा दिया। यही वजह रही कि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।

3. रुपये में कमजोरी : रुपया डॉलर के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 96.36 पर पहुंच गया। कमजोर रुपये का असर आयात आधारित कंपनियों और विदेशी निवेश धारणा पर भी पड़ा।

4. बैंकिंग शेयरों में बिकवाली : बैंकिंग शेयरों में जोरदार दबाव देखने को मिला। बंधन बैंक में तेज गिरावट और एचडीएफसी बैंक में लगातार कमजोरी ने पूरे बैंकिंग सेक्टर को नीचे खींचा।

5. अस्थिरता बढ़ी : इंडिया वीआईएक्स लगभग 5.5% बढ़कर 13.29 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में आने वाले दिनों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी हुई है।

आगे बाजार पर क्या रहेगी नजर?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और पश्चिम एशिया का तनाव कम नहीं होता, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि तकनीकी स्तर पर 24,000 के आसपास निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। यदि यह स्तर मजबूती से नहीं टिकता है तो बाजार में दबाव कुछ और बढ़ सकता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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