HDFC Bank Senior Citizen FD: अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न चाहते हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए बैंक अतिरिक्त ब्याज का लाभ दे रहा है। आप बैंक की 3 साल या 3 साल से अधिक (3 साल 1 दिन) की एफडी में निवेश कर सकते हैं। बैंक की मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार, 3 साल और 3 साल से अधिक (3 साल 1 दिन) की एफडी के बीच मामूली अवधि का अंतर होने के बावजूद निवेशकों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
सीनियर सिटिजन को मिल रहा है ज्यादा ब्याज

FD (Photo: iStock)
HDFC Bank वरिष्ठ नागरिकों को 3 साल की एफडी पर 6.95 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं अगर निवेश की अवधि 3 साल से अधिक (3 साल 1 दिन) रखी जाती है तो ब्याज दर बढ़कर 7 प्रतिशत हो जाती है। उदाहरण के लिए अगर कोई सीनियर सिटिजन 5 लाख रुपये की एफडी 3 साल के लिए करवाता है तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 6,14,813 रुपये प्राप्त होंगे। यानी उसे करीब 1,14,813 रुपये का ब्याज लाभ मिलेगा। वहीं, अगर वही निवेश 3 साल 1 दिन की अवधि के लिए किया जाता है, तो मैच्योरिटी राशि बढ़कर 6,15,838 रुपये हो जाती है। इस स्थिति में निवेशक को लगभग 1,15,838 रुपये का ब्याज प्राप्त होगा। यानी सिर्फ एक दिन अतिरिक्त अवधि रखने पर रिटर्न में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
सामान्य ग्राहकों को कितना मिलेगा रिटर्न?
सामान्य नागरिकों के लिए HDFC Bank 3 साल की एफडी पर 6.45 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। वहीं 3 साल 1 दिन की अवधि के लिए यह दर बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो जाती है। यानी अगर कोई सामान्य ग्राहक 5 लाख रुपये की एफडी 3 साल के लिए करवाता है तो उसे मैच्योरिटी पर 6,05,809 रुपये मिलेंगे। यानी उसे लगभग 1,05,809 रुपये का ब्याज प्राप्त होगा। दूसरी ओर, अगर वही निवेश 3 साल 1 दिन की अवधि के लिए किया जाए, तो मैच्योरिटी राशि बढ़कर 6,06,812 रुपये हो जाती है। इस स्थिति में ग्राहक को लगभग 1,06,812 रुपये का ब्याज लाभ मिलेगा।
3 साल और 3 साल 1 दिन की एफडी में क्या अंतर है?
हालांकि दोनों निवेश अवधियों के बीच केवल एक दिन का अंतर है, लेकिन ब्याज दर में बढ़ोतरी के कारण मैच्योरिटी राशि में भी अंतर दिखाई देता है। वरिष्ठ नागरिकों और सामान्य ग्राहकों दोनों को 3 साल 1 दिन की एफडी में थोड़ा अधिक रिटर्न मिलता है।
यह अंतर भले ही 5 लाख रुपये के निवेश पर सीमित दिखाई दे, लेकिन बड़ी निवेश राशि पर इसका प्रभाव और अधिक हो सकता है।
| निवेशक श्रेणी | FD अवधि | ब्याज दर | निवेश राशि | मैच्योरिटी राशि | कुल ब्याज |
|---|---|---|---|---|---|
| सीनियर सिटिजन | 3 साल | 6.95% | ₹5,00,000 | ₹6,14,813 | ₹1,14,813 |
| सीनियर सिटिजन | 3 साल 1 दिन | 7.00% | ₹5,00,000 | ₹6,15,838 | ₹1,15,838 |
| सामान्य नागरिक | 3 साल | 6.45% | ₹5,00,000 | ₹6,05,809 | ₹1,05,809 |
| सामान्य नागरिक | 3 साल 1 दिन | 6.50% | ₹5,00,000 | ₹6,06,812 | ₹1,06,812 |
एफडी के ब्याज पर टैक्स भी लगता है
यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता। एफडी पर अर्जित ब्याज को आपकी कुल आय में जोड़ा जाता है और उस पर आपके आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। अगर ब्याज आय निर्धारित सीमा से अधिक होती है, तो बैंक टीडीएस (TDS) भी काट सकता है।
