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HDFC Bank ग्राहकों के लिए खुशखबरी! बैंक ने घटाया MCLR, सस्ता हुआ Loan

HDFC Bank ने अपने ग्राहकों के लिए ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक ने अलग-अलग लोन अवधि के लिए एमसीएलआर में 5 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है, जो कि 7 अगस्त से लागू हो चुकी हैं।

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HDFC Bank ने घटाया MCLR, सस्ता होगा लोन (Photo: iStock)

HDFC Bank ने अपने ग्राहकों के लिए ब्याज दरों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने ज्यादातर लोन अवधि के लिए एमसीएलआर (Marginal Cost of Funds-based Lending Rate) में 5 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। नई दरें 7 अगस्त 2026 से लागू हो चुकी हैं। हालांकि, HDFC Bank के हर ग्राहक की EMI तुरंत कम नहीं होगी। इसका फायदा मुख्य रूप से उन ग्राहकों को मिल सकता है, जिनका लोन MCLR से जुड़ा हुआ है।

HDFC Bank ने कितनी घटाई MCLR?

बैंक ने अपनी सात में से छह MCLR अवधि की दरों में 5 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। केवल 2 साल की MCLR को पहले की तरह 8.55 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

अब बैंक की Overnight MCLR 8.05 प्रतिशत से घटकर 8 प्रतिशत हो गई है। 1 महीने की MCLR भी 8.05 प्रतिशत से घटकर 8 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह 3 महीने की दर 8.20 प्रतिशत से 8.15 प्रतिशत, 6 महीने की दर 8.35 प्रतिशत से 8.30 प्रतिशत और 1 साल की MCLR 8.45 प्रतिशत से 8.40 प्रतिशत हो गई है। 3 साल की MCLR 8.70 प्रतिशत से घटकर 8.65 प्रतिशत हो गई है।

अवधिपहले की MCLRनई MCLR
Overnight8.05%8.00%
1 महीना8.05%8.00%
3 महीने8.20%8.15%
6 महीने8.35%8.30%
1 साल8.45%8.40%
2 साल8.55%8.55%
3 साल8.70%8.65%

किन ग्राहकों को मिलेगा फायदा?

MCLR कम होने का यह मतलब नहीं है कि HDFC Bank का हर होम लोन या पर्सनल लोन अपने आप सस्ता हो जाएगा। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर 2019 से नए फ्लोटिंग रेट वाले पर्सनल और रिटेल लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क व्यवस्था से जोड़ दिया था। ऐसे लोन के लिए बैंक RBI की रेपो रेट या तय ट्रेजरी बिल रेट जैसे बेंचमार्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसलिए जिन ग्राहकों के पुराने लोन MCLR से जुड़े हुए हैं, उन्हें HDFC Bank की ताजा MCLR कटौती का फायदा मिल सकता है। हालांकि, यह उनके लोन की रीसेट डेट और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।

Reset Date क्यों है जरूरी?

MCLR से जुड़े लोन में बैंक द्वारा MCLR बदलते ही ब्याज दर जरूरी नहीं कि तुरंत बदल जाए। लोन की रीसेट फ्रीक्वेंसी उसके कॉन्ट्रैक्ट में तय होती है। RBI के नियमों के अनुसार, MCLR से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले लोन की रीसेट अवधि एक साल या उससे कम होनी चाहिए। इसका मतलब है कि HDFC Bank के दो ग्राहकों के लोन लगभग एक जैसे होने के बावजूद उन्हें MCLR कटौती का फायदा अलग-अलग समय पर मिल सकता है। यह उनकी संबंधित रीसेट डेट पर निर्भर करेगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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