बिजनेस

एथनॉल से किसानों की बढ़ेगी कमाई, पेट्रोल पर निर्भरता होगी कम, 100% एथनॉल से चलेंगी गाड़ियां: नितिन गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा कि Ethanol से किसानों की आय बढ़ाने और पेट्रोलियम आयात घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने 100% Ethanol वाहनों और Hydrogen बस की योजना भी बताई।

Image

मक्का किसानों को मिल रहा एथनॉल उत्पादन का फायदा/Photo- Nitin Gadkari

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती जरूरत और ईंधन आयात पर होने वाले भारी खर्च के बीच भारत अब वैकल्पिक ईंधन की ओर कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि एथनॉल के इस्तेमाल से किसानों की कमाई बढ़ाने के साथ देश की पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता भी कम की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 100 प्रतिशत एथनॉल से चलने वाले वाहन तैयार किए जा रहे हैं और जल्द ही इस तकनीक वाले वाहन बाजार में उतारे जाएंगे।

मक्का किसानों को मिल रहा एथनॉल उत्पादन का फायदा

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ नई सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत के दौरान गडकरी ने कहा कि किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता भी हैं। उन्होंने बताया कि एथनॉल उत्पादन बढ़ने से मक्के की कीमत में बड़ा बदलाव आया है। पहले मक्के का भाव करीब 1,200 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर लगभग 2,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे किसानों को अतिरिक्त कमाई का मौका मिला है।

22 लाख करोड़ रुपये के ईंधन आयात को कम करने पर जोर

गडकरी ने कहा कि भारत करीब 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है। ऐसे में एथनॉल, बिजली, हाइड्रोजन और दूसरे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना जरूरी है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों पर भी काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 10 मार्गों पर हाइड्रोजन बसें शुरू करने की योजना है।

गरीबों को सस्ती और बेहतर बस सेवा देने की तैयारी

नई सार्वजनिक बस सेवा को लेकर गडकरी ने कहा कि गरीबों को सुरक्षित और किफायती परिवहन मिलना चाहिए। उनका लक्ष्य है कि एसी बसों में बेहतर सुविधाएं मिलें और टिकट का किराया डीजल बसों के मुकाबले 30 प्रतिशत कम हो। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बसों को अधिक सुगम बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कचरे से ईंधन और रोजगार बढ़ाने की योजना

गडकरी ने बताया कि नागपुर में कचरे से रोजाना 28 टन सीएनजी बनाई जा रही है। देशभर में ऐसी करीब 4,000 परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। वहीं, पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 57,000 करोड़ रुपये के निवेश से 10,000 बसें चलाने की परिकल्पना है। इससे 45 लाख से 55 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें
End of Article