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Grocery bill: बढ़ने वाला है किराना बिल! तेल- निरमा-साबुन के लिए चुकानी पड़ सकती है ज्यादा कीमत; कंपनियां बना रहीं प्लान

Grocery bill: आने वाले दिन में आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। FMCG कंपनियां घर में यूज होने वाली चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का प्लान बना रही हैं। पाम तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कठिन ऑपरेटिंग है जिसकी वजह से कमाई कम होगी। मार्च से पाम इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है। कीमतों में बढ़ोतरी छोटे पैकेट के बजाय बड़े पैक वाले सामानों में होगी।

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बढ़ने वाली है महंगाई!

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Grocery bill: पाम ऑयल और खोपरा जैसी कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी होने की वजह से FMCG कंपनियां खाना पकाने के तेल, साबुन और डिटर्जेंट (निरमा) जैसी घर में यूज होने वाली चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का प्लान बना रही हैं। टोओआई की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से किराना बिल बढ़ सकते हैं।

किस वजह से बढ़ रहीं पाम तेल की कीमतें

गोदरेज कंज्यूमर ने अपने सितंबर तिमाही के अपडेट में कहा कि पाम तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कठिन ऑपरेटिंग है जिसकी वजह से कमाई कम होगी। मार्च से पाम इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है, यह आज की तारीख में सबसे ज्यादा बढ़ी है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि कीमतों में बढ़ोतरी छोटे पैकेट के बजाय बड़े पैक वाले सामनों में होगी।

क्यों बढ़ सकती है महंगाई

आरबीआई ने हाल ही में आगाह किया था कि अप्रत्याशित मौसम की घटनाएं, बिगड़ते भू-राजनीतिक संघर्ष (जो वैश्विक कमोडिटी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं) और कुछ कमोडिटी की कीमतें (जैसे खाद्य तेल, गेहूं और प्रमुख सब्जियां) में हाल ही में बढ़ोतरी से महंगाई के लिए रिस्क पैदा हो सकता है।

आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण भी तिमाही के अंत में तेल की कीमतें बढ़ीं

सफोला ओट्स और पैराशूट नारियल तेल के निर्माता मैरिको ने कहा कि खोपरा की कीमतें आंतरिक पूर्वानुमानों से पहले बढ़ी हैं और कंपनी पहले ही दूसरी तिमाही के अंत में कीमतों में बढ़ोतरी का एक दौर ले चुकी है। इसके अलावा, हाल ही में आयात शुल्क में बढ़ोतरी के कारण भी तिमाही के अंत में वनस्पति तेल की कीमतें ऊंची हो गईं। कंपनी उच्च इनपुट लागत के आंशिक अवशोषण के कारण दूसरी तिमाही में परिचालन लाभ वृद्धि में "मध्यम अंतराल" की उम्मीद कर रही है और भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमतों में संभावित अनिश्चितता पर नजर रख रही है।

स्वतंत्र उपभोक्ता सलाहकार अक्षय डिसूजा ने टीओआई को बताया कि "अधिकांश एफएमसीजी कंपनियों के लिए इनपुट लागत में वृद्धि होगी।""इजरायल-ईरान संघर्ष से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है और इससे लगभग हर चीज की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं, जिससे सभी वस्तुओं की महंगाई बढ़ सकती है। साथ ही, जैसे-जैसे अधिक देश संघर्ष में शामिल होंगे, यह उम्मीद की जाती है कि कमोडिटी सप्लाई में बाधा आएगी।"

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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