NLC India Share Price: सरकार 2000-2100 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए ऑफर फोर सेल (ओएफएस) के जरिए एनएलसी इंडिया में 7 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार कंपनी में अपनी और 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीनशू ऑप्शन का भी उपयोग कर सकती है। यानी सरकार का प्लान वैसे तो 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का है, मगर यदि ओएफएस में अधिक आवेदन मिलते हैं तो 2 फीसदी और यानी 7 फीसदी तक हिस्सेदारी बेची जा सकती है। बेस ऑफर में लगभग 6.93 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री शामिल होगी, जबकि ग्रीनशू ऑप्शन में 2.77 करोड़ शेयर शामिल होंगे।
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क्या होता है ग्रीनशू ऑप्शन
ग्रीनशू ऑप्शन आईपीओ या ओएफएस में एक प्रावधान होता है जो प्रमोटर को असल योजना से अधिक शेयर बेचने का अधिकार देता है। दीपम के सचिव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि एनएलसी इंडिया लिमिटेड का ओएफएस इश्यू नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 7 मार्च को खुलेगा। रिटेल निवेशक सोमवार, 11 मार्च को बोली लगा सकेंगे। सरकार 2% के ग्रीन शू ऑप्श सहित 7% इक्विटी का बेचेगी।
कितना तय किया गया है फ्लोर प्राइस
ओएफएस में शेयर बेचने के लिए फ्लोर प्राइस 212 रु तय किया गया है, जबकि कंपनी के शेयर का मौजूदा रेट 226.70 रु है। यानी जिसे भी शेयर मिलेंगे तो उसे मार्केट रेट से 14.7 रु या करीब साढ़े 6 फीसदी सस्ते मिलेंगे। इस खबर के बीच आज एनएलसी इंडिया का शेयर फोकस में रहेगा।
कितनी है NLC India में सरकार की हिस्सेदारी
एनएलएसी इंडिया के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, दिसंबर 2023 तक केंद्र सरकार के पास कंपनी में 79.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सेबी किसी भी कंपनी के प्रमोटर को किसी लिस्टेड कंपनी में अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने की अनुमति देता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के ओएफएस इश्यू की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
