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Gold, Silver Jewellery Exports: सोना, चांदी के आभूषणों के निर्यात को लेकर इस नियम में हुआ बदलाव, जानें कब से होंगे लागू

Gold, Silver Jewellery Exports: सोने, चांदी और प्लेटिनम के आभूषणों के निर्यात के संबंध में अपव्यय (बर्बादी) की स्वीकृत मात्रा से संबंधित मानदंडों में बदलाव किया है। मई में सादे सोने और प्लेटिनम के आभूषणों में वजन के हिसाब से अपव्यय 2.5 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत और चांदी में 3.2 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया था। नए मानदंडों के अनुसार, सोने और प्लेटिनम के हस्तनिर्मित आभूषणों में वर्तमान में लागू 2.5 प्रतिशत से 2.25 प्रतिशत की बर्बादी की अनुमति है और चांदी के आभूषणों में 3.2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत की बर्बादी की अनुमति है।

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आभूषणों के निर्यात के संबंध में अपव्यय (बर्बादी) को लेकर नए निमय आए।

Photo : Times Now Digital

Gold, Silver Jewellery Exports: सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम के आभूषणों के निर्यात के संबंध में अपव्यय (बर्बादी) की स्वीकृत मात्रा से संबंधित मानदंडों में शुक्रवार को संशोधन कर दिया। अपव्यय मानदंड सोने या चांदी की वह उचित मात्रा है जो निर्यात के लिए आभूषण बनाए जाते समय बर्बाद हो सकती है। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा, ‘‘आभूषणों के निर्यात के संबंध में बर्बादी के उचित और मानक मानदंडों को संशोधित किया गया है।’’ नए मानदंड अगले साल एक जनवरी से लागू होंगे।

उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि अपव्यय मानदंडों को 27 मई को जारी पिछले मानदंडों से थोड़ा संशोधित किया गया है। पिछले मानदंड जारी होने पर उद्योग ने सरकार से इस मुद्दे पर विचार करने का आग्रह किया था। उसमें आभूषण श्रेणियों में अपव्यय मानदंडों को कम कर दिया गया था। वाणिज्य मंत्रालय ने इन चिंताओं पर गौर करने के बाद उन नियमों के कार्यान्वयन को दिसंबर 2024 तक के लिए टाल दिया था। अब मंत्रालय ने संशोधित मानदंड जारी कर दिए हैं और सोना-चांदी उद्योग ने इनका स्वागत किया है।

आभूषणों में वजन के हिसाब से अपव्यय के मौजूदा नियम

मई में सादे सोने और प्लेटिनम के आभूषणों में वजन के हिसाब से अपव्यय 2.5 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत और चांदी में 3.2 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया था। जड़ाऊ आभूषणों में, सोने, चांदी और प्लेटिनम के आभूषणों में अपव्यय को पहले के 5 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया था।

आभूषणों में वजन के हिसाब से अपव्यय के नियम अब क्या हुआ बदलाव

शुक्रवार को घोषित नए मानदंडों के अनुसार, सोने और प्लेटिनम के हस्तनिर्मित आभूषणों में वर्तमान में लागू 2.5 प्रतिशत से 2.25 प्रतिशत की बर्बादी की अनुमति है और चांदी के आभूषणों में 3.2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत की बर्बादी की अनुमति है। मशीनों द्वारा बनाए गए सोने और प्लेटिनम के आभूषणों के लिए 0.45 प्रतिशत बर्बादी की अनुमति है जबकि चांदी के मामले में यह 0.5 प्रतिशत तक कम हो गई है।

सोने, चांदी और प्लेटिनम के जड़ाऊ हस्तनिर्मित आभूषणों में नए मानदंड चार प्रतिशत बर्बादी की अनुमति देते हैं। वहीं मशीन से बने जड़ाऊ आभूषणों के लिए 2.8 प्रतिशत की बर्बादी की अनुमति है। इस आदेश के दायरे में इन धातुओं से बनी मूर्तियां, सिक्के एवं पदक और अन्य वस्तुएं भी शामिल हैं।

(भाषा इनपुट के साथ)

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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