Government of India is planning to provide better facilities for GST Registrered Traders: भारत सरकार, माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी में रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए जल्द ही एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति और दुर्घटना बीमा योजना की घोषणा कर सकती है। एक अधिकारी ने ये जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित नीति से व्यापारियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा और इसके साथ ही उन्हें ज्यादा कर्ज भी मिल सकेगा।
कैसे बदल जाएगा व्यापारियों का जीवन
अधिकारी ने कहा कि इस नीति में सस्ते और आसान कर्ज, रिटेल बिजनेस का आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण, डिस्ट्रीब्यूशन चेन के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चरल सपोर्ट, कौशल विकास और लेबर प्रोडक्टिविटी में सुधार और एक प्रभावी परामर्श और शिकायत निपटान सिस्टम का प्रावधान हो सकता है।
व्यापारियों के लिए बीमा योजना पर भी हो रहा है काम
बताते चलें कि भारत ग्लोबल लेवल पर रिटेल सेक्टर में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा डेस्टिनेशन है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय वित्तीय सेवा विभाग के साथ मिलकर सभी जीएसटी-रजिस्टर्ड रिटेल व्यापारियों के लिए एक बीमा योजना पर भी काम कर रहा है।
अभी के मुकाबले बेहतर होगा कारोबार
अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार न सिर्फ ई-कॉमर्स में नीतिगत बदलाव की कोशिश कर रही है, बल्कि व्यापारियों के लिए एक राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति भी ला रही है, जिससे कारोबार की स्थिति बेहतर होगी, ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी और व्यापारियों को ज्यादा कर्ज के साथ अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।’’ प्रस्तावित नीति के तहत, एक सेंट्रलाइज्ड और कंप्यूटराइज्ड इंस्पेक्शन सिस्टम के अलावा व्यापारियों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम विकसित किया जा सकता है।
खुदरा व्यापार नीति से सेक्टर को मिलेगी मदद
व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि खुदरा व्यापार नीति से निश्चित रूप से इस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार अर्थव्यवस्था का एकमात्र सेक्टर है जिसके लिए कोई नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए बीमा योजना से अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को मान्यता मिलेगी।
भाषा इनपुट्स के साथ
