स्वयं-रोजगार और गिग कर्मचारियों के लिए PF और पेंशन (तस्वीर-istock)
Provident Fund and Pension Schemes : केंद्र सरकार अब कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन (EPFO) को निर्देश देने पर विचार कर रही है कि वह स्वयं-रोजगार यानी फ्रीलांसर और गिग प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए नए भविष्य निधि (PF) और पेंशन योजनाएं तैयार करे। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम नए सोशल सिक्योरिटी कोड के बाद आया है, जो सरकार को पारंपरिक वेतनभोगी कर्मचारियों से बाहर अन्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने का अधिकार देता है।
अभी EPFO की कवरेज मुख्य रूप से उन कर्मचारियों तक सीमित है जो 20 से अधिक कर्मचारियों वाले कार्यालय या उद्योग में काम करते हैं। EPF में अनिवार्य सदस्यता केवल उन कर्मचारियों के लिए है जिनकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर 15,000 रुपये तक है। जो इससे ज्यादा कमाते हैं, वे केवल तब शामिल हो सकते हैं जब उनके नियोक्ता योगदान देने के लिए सहमत हों। इसके अलावा, ESIC के तहत केवल वे कर्मचारी जिनकी मासिक आय 21,000 रुपये तक है, लाभ के लिए पात्र हैं। ट्रेड यूनियनों ने कई बार इन पात्रता सीमाओं को बढ़ाने की मांग की है, कभी-कभी मौजूदा सीमा का दुगुना करने तक की। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस विषय पर विचार कर रही है, लेकिन संभावना है कि सीमाएं पूरी तरह दुगुनी न हों।
हाल ही में श्रम मंत्रालय ने चार नए श्रम कोडों की अधिसूचना जारी की है, जिसमें सोशल सिक्योरिटी कोड भी शामिल है। इसके सेक्शन 15(1)(d) के तहत सरकार को यह अधिकार मिला है कि वह स्वयं-रोजगार या अन्य श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तैयार कर सके। इसका मतलब यह है कि अब पहली बार, स्वयं-रोजगार और गिग श्रमिकों को स्ट्रक्चर्ड PF और पेंशन के तहत लाया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार EPFO से कहा जाएगा कि वह स्वयं-रोजगार कर्मचारियों के लिए लचीली योगदान प्रणाली तैयार करे। चूंकि इन लोगों की आय नियमित नहीं होती, इसलिए वे हर महीने समान राशि का योगदान नहीं दे पाएंगे। नई योजना में उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार योगदान देने की अनुमति होगी। जमा राशि और ब्याज के आधार पर उनके PF और पेंशन की राशि तय होगी। सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा कि यह नई योजना PPF जैसी मौजूदा योजनाओं की तुलना में बेहतर रिटर्न और अधिक लचीलापन देगी।
सोशल सिक्योरिटी कोड गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा ढांचा भी बनाता है। सेक्शन 114(4) के अनुसार, ऐप-आधारित डिलीवरी और राइड-हेलिंग कंपनियों को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1-2 प्रतिशत एक नए वेलफेयर फंड में योगदान करना होगा, जो PF, पेंशन और बीमा लाभ को सपोर्ट करेगा। EPFO इस योजना को भी डिजाइन करेगा। ट्रेड यूनियनों ने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि प्लेटफॉर्म कंपनियां अपने टर्नओवर डेटा सही तरीके से रिपोर्ट करें, ताकि सही योगदान सुनिश्चित हो सके।
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 नौ अलग-अलग कानूनों को मिलाकर एक ही ढांचा बनाता है। इसका उद्देश्य केवल नियमों को सरल बनाना ही नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को PF, पेंशन, स्वास्थ्य और मातृत्व देखभाल, जीवन और विकलांगता बीमा, और ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण लाभ भी आसानी से उपलब्ध कराना है। सरकार की यह पहल देश के उन लाखों स्वयं-रोजगार और गिग कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने का पहला प्रयास है, जो अब तक इन योजनाओं से बाहर थे। अगर यह योजना सफल होती है, तो इससे इन श्रमिकों की वित्तीय सुरक्षा और भविष्य की योजना बनाने में काफी मदद मिलेगी।
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