Income Tax Act 2025 : इनकम विभाग ने नए आयकर कानून को लागू करने से पहले आम लोगों, करदाताओं और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। विभाग ने रविवार को बताया कि एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाले आयकर अधिनियम, 2025 के तहत बनाए गए प्रस्तावित आयकर नियम, 2026 और उनसे जुड़े फॉर्म का मसौदा सार्वजनिक कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय ली जाएगी, ताकि नया कानून ज्यादा सरल, पारदर्शी और टैक्सपेयर्स के अनुकूल बनाया जा सके।
वेबसाइट पर अपलोड किए गए मसौदा नियम और फॉर्म
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आयकर विभाग ने एक बयान में कहा कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित आयकर नियम और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले ही आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इससे टैक्स विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, वकीलों, व्यापारियों और आम करदाताओं को इन मसौदों को पढ़ने और समझने का मौका मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया परामर्श के तहत की जा रही है और प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
चार कैटेगरी में मांगे गए सुझाव
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हितधारकों से चार मुख्य श्रेणियों में सुझाव देने को कहा है। इनमें शामिल हैं-
- भाषा का सरलीकरण:- नियमों और फॉर्म की भाषा को आसान और स्पष्ट बनाना।
- मुकदमों में कमी:- ऐसे प्रावधानों की पहचान करना, जिनसे कर विवाद बढ़ते हैं।
- अनुपालन बोझ कम करना:- करदाताओं के लिए रिटर्न भरने और नियमों का पालन आसान बनाना।
- पुराने या अप्रासंगिक नियमों की पहचान:- ऐसे नियम और फॉर्म हटाना, जो अब उपयोगी नहीं हैं।
ई-फाइलिंग पोर्टल से दे सकेंगे सुझाव
आयकर विभाग ने सुझाव देने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। इसके लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक विशेष लिंक उपलब्ध कराया गया है, जो 4 फरवरी 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या फॉर्म संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना जरूरी होगा, ताकि सुझावों की सही तरीके से समीक्षा की जा सके।
60 साल पुराने कानून की होगी जगह नई व्यवस्था
गौरतलब है कि देश में पिछले छह दशकों से लागू आयकर अधिनियम, 1961 को अब पूरी तरह बदल दिया गया है। इसकी जगह आयकर अधिनियम, 2025 लाया जा रहा है, जो आगामी एक अप्रैल से लागू होगा। सरकार का उद्देश्य है कि नया कानून ज्यादा सरल, कम जटिल और तकनीक के अनुकूल हो, ताकि करदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
नियमों और फॉर्म की संख्या में बड़ी कटौती
वर्तमान में लागू आयकर नियम, 1962 के तहत कुल 511 नियम और 399 फॉर्म हैं। वहीं प्रस्तावित नए आयकर नियमों में इनकी संख्या घटाकर 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है। आयकर विभाग का मानना है कि नियमों और फॉर्म की संख्या कम होने से न सिर्फ अनुपालन आसान होगा, बल्कि कर व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी और कुशल भी बनेगी।
