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Gold Vs SIP Vs FD: किसमें करें निवेश और कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न? जानिए सबकुछ

क्या आपके जेहन में भी यही सवाल आ रहा है कि सोना (Gold), एसआईपी (SIP) या फिर एफडी (FD) कहां निवेश करना फायदे का सौदा होगा? अगर हां तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है।

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Gold Vs SIP Vs FD (Photo: AI Generated Image)

Gold Vs SIP Vs FD: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जिसके बाद से ही निवेश को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हर दूसरा व्यक्ति जानना चाहता है कि आखिर निवेश के लिए सोना, SIP या FD में से कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर हो सकता है। हालांकि, आपको यह समझने की जरूरत है कि हर निवेश विकल्प की अपनी अलग खासियत, जोखिम और फायदा होता है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी जरूरत और लक्ष्य को समझना जरूरी है। इस आर्टिकल में निवेश के तीनों विकल्पों को लेकर जानकारी दे रहे हैं-

Gold Vs SIP Vs FD

Gold Vs SIP Vs FD

Gold Vs SIP Vs FD (Photo: iStock)

Gold

सोने को भारत में हमेशा सुरक्षित निवेश माना गया है। मुश्किल समय में इसकी कीमत अक्सर बढ़ती देखी जाती है और लंबे समय में यह महंगाई से बचाव का काम भी करता है। हालांकि सोने में निवेश से नियमित आय नहीं मिलती। इसके अलावा फिजिकल गोल्ड खरीदने पर मेकिंग चार्ज और सुरक्षा जैसी परेशानियां भी रहती हैं। सोना उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है ,जो लंबे समय तक निवेश रखना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं।

Systematic Investment Plan

वहीं SIP यानी Systematic Investment Plan म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका है। इसमें हर महीने छोटी रकम निवेश की जा सकती है। SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लंबे समय में कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है और इक्विटी बाजार की ग्रोथ का फायदा भी निवेशक को मिल सकता है। हालांकि इसमें जोखिम भी रहता है क्योंकि रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है। जो लोग लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और थोड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं, उनके लिए SIP अच्छा विकल्प हो सकता है।

Fixed Deposit

FD यानी Fixed Deposit उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है जो सुरक्षित और तय रिटर्न चाहते हैं। बैंक और फाइनेंस कंपनियां FD पर निश्चित ब्याज दर देती हैं, जिससे निवेशक को पहले से पता रहता है कि मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी। FD में जोखिम काफी कम माना जाता है, लेकिन कई बार इसका रिटर्न महंगाई से ज्यादा नहीं हो पाता। कम जोखिम पसंद करने वाले और नियमित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए FD अच्छा विकल्प हो सकती है।

कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर

अगर तुलना की जाए तो सोना सुरक्षा और वैल्यू स्टोर के रूप में देखा जाता है, SIP ज्यादा रिटर्न की संभावना देता है, जबकि FD स्थिर और सुरक्षित कमाई का विकल्प माना जाता है। निवेश का सही विकल्प व्यक्ति की उम्र, आय, जोखिम लेने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करता है। एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं कि निवेश को एक ही विकल्प में लगाने की बजाय अलग-अलग जगह बांटना बेहतर होता है। यानी कुछ हिस्सा सोने में, कुछ SIP में और कुछ FD में रखने से जोखिम कम किया जा सकता है और संतुलित रिटर्न मिल सकता है। ऐसे में निवेश से पहले अपनी जरूरत और समय अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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