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Gold ETF ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, जनवरी में ₹24050 करोड़ पहुंचा निवेश का आंकड़ा, म्यूचुअल फंड इनफ्लो घटा

जनवरी में भले ही मासिक आधार पर म्यूचुअल फंड का कुल इनफ्लो 14 फीसदी तक घट गया है। लेकिन, गोल्ड ETF में निवेश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनवरी में यह ₹24,050 करोड़ पहुंच गया, जो म्यूचुअल फंड की इक्विटी कैटेगरी के बराबर है।

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म्यूचुअल फंड में गोल्ड ईटीएफ रिकॉर्ड हाई पर

जनवरी 2026 में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेज झुकाव दिखाया, जिसका सबसे बड़ा फायदा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF को मिला। महीने के दौरान गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश करीब ₹24,040 करोड़ दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक नेट इनफ्लो है। यह आंकड़ा इक्विटी म्यूचुअल फंड में आए निवेश के लगभग बराबर रहा, जो दर्शाता है कि बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने को मजबूत हेज के रूप में देख रहे हैं। AMFI के जनवरी रिपोर्ट के मुताबिक गोल्ड ETF में ₹24,351.58 करोड़ की जुटान और केवल ₹311.62 करोड़ की निकासी के बाद शुद्ध निवेश ₹24,039.96 करोड़ रहा।

सुरक्षित निवेश की तलाश

जनवरी में वैश्विक और घरेलू शेयर बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली। ऊंचे वैल्यूएशन, वैश्विक आर्थिक चिंताएं और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया। ऐसे माहौल में गोल्ड ETF आसान, पारदर्शी और तरल निवेश विकल्प के रूप में उभरा। निवेशक बिना फिजिकल गोल्ड खरीदे, सीधे सोने की कीमतों में भागीदारी कर पा रहे हैं, जिससे ETF में तेजी से पूंजी आई।

इक्विटी फंड में निवेश धीमा

जनवरी में इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स में कुल नेट इनफ्लो लगभग ₹24,02 करोड़ रहा, जो पिछले महीनों के मुकाबले नरम माना जा रहा है। इसके उलट गोल्ड ETF में निवेश का उछाल साफ संकेत देता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में जोखिम संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि यह प्रवृत्ति तब उभरती है जब निवेशक इक्विटी में मुनाफावसूली कर सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख करते हैं। असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ़ इंडिया (AMFI) के डेटा के अनुसार, दिसंबर 2025 में इक्विटी फंड में लगभग ₹28,054 करोड़ का निवेश हुआ था, जबकि जनवरी 2026 में यह संख्या लगभग ₹24,028 करोड़ रह गई। इसका मतलब है कि मंथ ऑन मंथ निवेश लगभग 14 % कम हुआ है।

सालाना आधार पर बड़ी गिरावट

जनवरी 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश सालाना आधार पर भी काफी घटा है। जनवरी 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश लगभग ₹39,687 करोड़ दर्ज हुआ था, जबकि जनवरी 2026 में यह घटकर ₹24,028 करोड़ रह गया। इसका मतलब है कि सालाना आधार पर निवेश लगभग 39 % कम हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में निवेशक के इक्विटी में भाग लेने में काफी कमी को दर्शाता है।

गोल्ड ETF का AUM भी तेजी से बढ़ा

भारी निवेश के चलते गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट भी तेजी से बढ़कर लगभग ₹1.84 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया है। यह संकेत देता है कि निवेशक न सिर्फ ट्रेडिंग बल्कि लंबी अवधि के निवेश के लिए भी गोल्ड ETF को अपना रहे हैं।

डेटा स्रोत: AMFI मासिक रिपोर्ट (फरवरी 2025, दिसंबर 2025, जनवरी 2026)

श्रेणीफरवरी 2025 नेट इनफ्लोदिसंबर 2025 नेट इनफ्लोजनवरी 2026 नेट इनफ्लोMoM बदलाव (जनवरी बनाम दिसंबर)YoY बदलाव*
इक्विटी म्यूचुअल फंड29,30328,05424,029▼ ~14%▼ ~18%
गोल्ड ETF1,98011,64724,040▲ ~106%▲ ~1,114%
सिल्वर ETF**3,846 (Other ETFs में शामिल)13,199 (Other ETFs में शामिल)15,006 (Other ETFs में शामिल)▲ ~14%▲ ~290%

आगे क्या रहेगा रुझान

विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है और सोने की कीमतें मजबूत रहती हैं, तो गोल्ड ETF में निवेश की गति बनी रह सकती है। हालांकि, इक्विटी बाजारों में स्थिरता लौटने पर निवेशक फिर से ग्रोथ एसेट्स की ओर लौट सकते हैं। फिलहाल, जनवरी के आंकड़े यह साफ करते हैं कि निवेशकों ने पोर्टफोलियो में गोल्ड को मजबूत जगह दी है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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