गोल्ड का शानदार परफॉर्मेंस
मुख्य बातें
Gold vs Sensex-Nifty: सोने की कीमतों में 2025 में शानदार वृद्धि देखी गयी है, जिसमें मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमतें ₹95,935 प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। वैश्विक स्तर पर भी, स्पॉट गोल्ड $3,357.40 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। यह उछाल भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत मांग और केंद्रीय बैंकों की ओर से हुई खरीदारी जैसे फैक्टर्स के कारण आई। हालांकि, प्रॉफिट बुकिंग के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं।
ये भी पढ़ें -
पिछले चार सालों में सोने की कीमतों में अच्छी वृद्धि हुई है। अप्रैल 2021 में MCX पर सोना ₹47,000 प्रति 10 ग्राम था, जो अप्रैल 2025 तक 104% बढ़कर ₹95,935 पर पहुंच गया। इस दौरान सेंसेक्स ने 60% रिटर्न दिया, जो 49,000 से बढ़कर 78,500 पर पहुंचा।
सोने ने 2018 से लगातार आठ वर्षों तक पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जिसमें 2022 में 14.38%, 2023 में 14.88% और 2024 में 21.43% की ग्रोथ शामिल है।
2025 में अब तक, MCX सोने की कीमतों में 24.71% की वृद्धि हुई है, जो अन्य एसेट्स जैसे चांदी (9.28%), सेंसेक्स (0.5%) और निफ्टी 50 (0.8%) से बेहतर है। 2024 में, सोने ने 21.4% रिटर्न दिया, जबकि चांदी ने 17.20% और सेंसेक्स ने 8.17% की वृद्धि दर्ज की। यह मजबूत प्रदर्शन सोने को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि सोने की कीमतें अपने चरम पर हो सकती हैं। जानकारों का अनुमान है कि MCX सोना ₹98,500-99,000 तक पहुंच सकता है, लेकिन इसके बाद ₹78,000-80,000 तक गिरावट भी आ सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, सोने की कीमतें $2,750-$3,600 के दायरे में रह सकती हैं। तकनीकी रूप से, RSI 80 से ऊपर होने के कारण सोना ओवरबॉट जोन (अधिक खरीदा हुआ) में है।
सोने की कीमतों ने 2025 में मजबूत प्रदर्शन किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सभी सकारात्मक कारक पहले ही कीमतों में शामिल हो चुके हैं। निवेशकों को संभावित गिरावट के लिए तैयार रहना चाहिए। फिर भी, सोने का लॉन्ग टर्म आकर्षण बरकरार है, जो इसे अनिश्चितताओं के बीच एक सुरक्षित निवेश बनाता है।