1 लाख रु पर पहुंच जाएगा सोना
मुख्य बातें
Gold Price Akshaya Tritiya 2025: भारत में सोने की कीमतों में हाल के महीनों में जबरदस्त उछाल देखा गया है और जानकारों का मानना है कि यह तेजी अक्षय तृतीया 2025 (30 अप्रैल) तक जारी रह सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 22 कैरेट सोने की कीमत वर्तमान में 91,110 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 24 कैरेट सोना 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच चुका है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहा, तो सोना अक्षय तृतीया तक 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है।
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इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर जिम्मेदार हैं। गोल्डमैन सैक्स ने 2025 के अंत तक सोने की कीमत को 3,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो भारतीय बाजार में 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर हो सकता है।
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के बढ़ते तनाव, वैश्विक मंदी की आशंका, और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में वृद्धि ने सोने में उछाल को बढ़ावा दिया है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, यदि व्यापार युद्ध और गहराता है, तो सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, भारत में मुद्रास्फीति और कमजोर रुपये ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया है।
हालांकि, कुछ एक्सपर्ट सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। सोना वर्तमान में 94,500-95,000 रुपये की रेजिस्टेंस रेंज में है और टेक्निकली यह अधिक खरीदा हुआ (ओवरबॉट) दिख रहा है।
जानकारों का कहना है कि अक्षय तृतीया तक 1 लाख रुपये का स्तर छूना संभव है, लेकिन यह बाजार की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। कुछ जानकारों का सोने में निवेश के लिए अभी भी पॉजिटिव आउटलुक है, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें गिरावट आ सकती है।
भारत में अक्षय तृतीया को सोना खरीदने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है, जिससे मांग में वृद्धि होती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुमान के अनुसार, भारत में 2024 की पहली तिमाही में सोने की मांग में 8% की वृद्धि हुई।
हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आभूषणों की मांग प्रभावित हो सकती है, जबकि निवेश मांग मजबूत बनी रहेगी। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक 90,000-92,000 रुपये के स्तर पर खरीदारी कर सकते हैं, क्योंकि दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक है।
वहीं कुछ विश्लेषक 2025 में सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना भी जता रहे हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों में वृद्धि, और कम मांग के कारण कीमतें नीचे आ सकती हैं। फिर भी, भारत में त्योहारी और शादी के मौसम के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
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