Indian Stock Market Forecast: गोल्डमैन सैक्स ने एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत और चीन को आने वाले दशक के लिए दुनिया के सबसे दमदार शेयर बाजार बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 10 सालों में उभरते बाजारों से करीब 10.9% सालाना रिटर्न मिल सकता है। यह अमेरिका (6.5%), यूरोप (7.1%), जापान (8.2%) और बाकी एशियाई देशों (10.3%) की तुलना में काफी ज्यादा है। यह रिपोर्ट ‘ग्लोबल स्ट्रैटेजी पेपर 75 बिल्डिंग लॉन्ग टर्म रिटर्न्स: 10-ईयर फोरकास्ट’ नाम से जारी हुई है।
रिपोर्ट का कहना है कि उभरते देशों में इतनी तेजी का सबसे बड़ा कारण है यहां कंपनियों की कमाई में तेज बढ़ोतरी। खासकर भारत और चीन में ईपीएस (प्रति शेयर कमाई) अगले दशक में तेज रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही नीतियों में सुधार और कारोबारी माहौल बेहतर होने से शेयरधारकों को फायदा मिलने की संभावना है।
गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि लंबी अवधि में शेयर बाजार का प्रदर्शन कंपनियों की कमाई पर निर्भर करता है। उनका अनुमान है कि आने वाले दशक में वैश्विक स्तर पर कमाई लगभग 6% सालाना बढ़ेगी, बाकी फायदा डिविडेंड्स से मिलेगा। हालांकि अभी दुनिया के कई बाजार महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन फिर भी लॉन्ग-टर्म में रिटर्न अच्छे रहेंगे।
रिपोर्ट में यह भी साफ कहा गया है कि भारत की कमाई बढ़ने का अनुमान सबसे ज्यादा है लगभग 13% CAGR। इसके पीछे भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, युवाओं की संख्या और बेहतर होती सरकारी नीतियों का हाथ बताया गया है।
रिपोर्ट मानती है कि अभी शेयर बाजार का वैल्यूएशन ऊंचा है, लेकिन यह भविष्य के लंबे रिटर्न को खराब नहीं करेगा। खासकर उभरते देशों के लिए यह पॉजिटिव है, क्योंकि यहां ग्रोथ और स्ट्रक्चरल सुधार तेज है। इसलिए निवेशकों को सलाह है कि पोर्टफोलियो में उभरते बाजारों का हिस्सा बढ़ाएं। गोल्डमैन सैक्स ने एसएंडपी 500 के लिए अगले 10 सालों में 6.5% सालाना रिटर्न का अनुमान दिया है। इसमें बेस्ट केस में 10% और वर्स्ट केस में 3% रिटर्न संभव है।
अक्टूबर 2024 में गोल्डमैन सैक्स ने भारत को ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘ओवरवेट’ कर दिया। यानी वे भारत में निवेश बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। कारण भारत की कंपनियों की तेजी से बढ़ती कमाई, सरकारी सपोर्ट, ब्याज दरों में संभावित कटौती और बेहतर आर्थिक माहौल। उन्होंने निफ्टी 50 का 2026 तक 29,000 का लक्ष्य दिया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 14% ऊपर है। इस साल निफ्टी ने 8.5% की बढ़त दर्ज की है।
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रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में कई सेक्टर भारतीय मार्केट की ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाएंगे, जबकि कुछ सेक्टरों को लेकर एक्सपर्ट्स सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। मजबूत आर्थिक स्थिति, बढ़ती खपत और सरकारी नीतियों का फायदा खास तौर पर बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर स्टेपल्स और ड्यूरेबल्स, ऑटो सेक्टर, डिफेंस, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, और इंटरनेट व टेलीकॉम सेक्टर को मिलने वाला है। इन क्षेत्रों में कैपेक्स, डिमांड और तकनीकी बदलावों की वजह से तेज उछाल देखने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी तरफ, कुछ सेक्टरों में अभी सावधानी बरतने की जरूरत है। इनमें आईटी, फार्मा, इंडस्ट्रियल्स, और केमिकल्स सेक्टर शामिल हैं। इन पर वैश्विक अनिश्चितताओं, निर्यात पर निर्भरता, लागत बढ़ने और मांग में उतार-चढ़ाव का दबाव संभव है। कुल मिलाकर, जहां एक तरफ कुछ सेक्टर मार्केट को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं, वहीं कुछ में निवेशकों को सोच-समझकर कदम बढ़ाना होगा।