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GIC OFS: जीआईसी ओएफएस में अब तक मिले 2300 करोड़, रिटेल निवेशकों के पास भी है मौका

GIC OFS Update: सरकार जीआईसी में 5.95 करोड़ शेयर यानी 3.39 प्रतिशत हिस्सेदारी 395 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेच रही है। जबकि ज्यादा बोलियां आने पर 3.39 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प रखा गया है।

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जीआईसी ओएफएस

GIC OFS:सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (GIC Re) में 5.95 करोड़ शेयर यानी 3.39 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को लेकर बिक्री पेशकश के तहत संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को लगभग 2,300 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जीआईसी की बिक्री पेशकश को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। निर्गम को 1.08 गुना अभिदान मिला। सरकार ने अधिक बोली आने पर उसे रखने का विकल्प चुनने का निर्णय है।

कितनी हिस्सेदारी बेच रही है सरकार

सरकार जीआईसी में 5.95 करोड़ शेयर यानी 3.39 प्रतिशत हिस्सेदारी 395 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेच रही है। जबकि ज्यादा बोलियां आने पर 3.39 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प रखा गया है। इससे निर्गम का कुल आकार 6.78 प्रतिशत बैठता है। जीआईसी की बिक्री पेशकश चालू वित्त वर्ष में सरकार का पहला विनिवेश है। इसकी शुरुआत हल्की रही और पूर्ण सब्सक्रिप्शन बाजार बंद होने से कुछ ही समय पहले मिला।बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गैर-खुदरा निवेशकों से 5.81 करोड़ शेयर के लिए बोलियां आईं। यह उनके लिए आरक्षित 5.35 करोड़ शेयर का 108.49 प्रतिशत है।

रिटेल निवेशकों के लिए है मौका

रिटेल निवेशक बिक्री पेशकश के तहत बृहस्पतिवार यानी 5 सितंबर को पैसा लगा सकेंगे बोली के लिए तय 395.03 करोड़ रुपये प्रति इक्विटी शेयर भाव पर 2,300 करोड़ रुपये के आवेदन आएं।आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज, एसबीआई कैप सिक्योरिटीज, बीओबी कैपिटल मार्केट्स और एलारा सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लि. ने बिक्री पेशकश (ओएफएस) के लिए बिक्री प्रबंधक है।सरकार के पास वर्तमान में जीआईसी में 85.78 प्रतिशत हिस्सेदारी है।जीआईसी अक्टूबर, 2017 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। सरकार ने कंपनी के आईपीओ से 9,685 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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