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Gautam Adani: यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (डीओजे) अभियोग के अनुसार गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी पर रिश्वत के कोई आरोप नहीं

Gautam Adani: गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्टाचार आचरण अधिनयम (एफसीपीए) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगा। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने उन्हें विदेशी भ्रष्टाचार आचरण से जुड़े आरोपों से बाहर रखा।

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अडानी ग्रुप पर अपडेट

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • गौतम अडानी पर रिश्वत का आरोप नहीं
  • उनके भतीजे सागर अडानी पर भी आरोप नहीं
  • एज्युर-सीडीपीक्यू के अधिकारियों पर रिश्वत का आरोप

Gautam Adani: यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (डीओजे) अभियोग के मुताबिक गौतम अडानी उनके भतीजे सागर अडानी और विनीत जैन पर रिश्वत के कोई आरोप नहीं लगे हैं। गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्टाचार आचरण अधिनयम (एफसीपीए) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगा। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने उन्हें विदेशी भ्रष्टाचार आचरण से जुड़े आरोपों से बाहर रखा। अमेरिकी डीओजे के अभियोग में सिर्फ एज्युर और सीडीपीक्यू के अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया गया है।

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अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का दावा

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने दावा किया है कि अडानी अधिकारियों पर रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली सभी खबर 'गलत' है। गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और वरिष्ठ अधिकारी विनीत जैन पर अमेरिकी डीओजे द्वारा कोई रिश्वतखोरी का आरोप नहीं है। यह जानकारी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमटेड (एजीईएल) ने स्टॉक एक्सचेंज में जमा की गई ताजा रिपोर्ट में दी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों की खबर 'गलत'

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमटेड (एजीईएल) ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि अडानी अधिकारियों पर रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों की खबर 'गलत' है। एजीईएल के अनुसार, "कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमारे डायरेक्टर्स, गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। ऐसे दावे पूरी तरह गलत हैं।"

किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं

एजीईएल ने आगे कहा, "गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) के आरोपपत्र या अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) के सिविल कंप्लेंट में एफसीपीए के किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं लगाया गया है।"

किसी कानूनी अभियोग में "काउंट" का मतलब अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए व्यक्तिगत आरोपों से होता है। डीओजे के अभियोग में पांच काउंट (आरोप) हैं , लेकिन काउंट एक: ‘‘एफसीपीए का उल्लंघन करने की साजिश’’ में गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन का नाम नहीं है और इन्हें इस काउंट से बाहर रखा गया है। इसी तरह, काउंट पांच: ‘‘न्याय में रुकावट डालने की साजिश’’ (पेज 41) में भी इन तीनों का नाम नहीं हैं।

किस-किस का नाम शामिल

अभियोग का काउंट एक, जो भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों से संबंधित है, में केवल एज्युर पावर और सीडीपीक्यू (क्यूबेक का एक कनाडाई संस्थागत निवेशक और एज्युर का सबसे बड़ा शेयरधारक) के रंजीत गुप्ता, सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा और रूपेश अग्रवाल का नाम है।

इस काउंट में किसी भी अडानी अधिकारी का नाम अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने नहीं लिया है। हालांकि डीओजे के अभियोग को लेकर विभिन्न मीडिया (विदेशी और भारतीय) की गलत समझ, अडानी के डायरेक्टर्स पर अमेरिकी डीओजे और एसईसी द्वारा भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों के बारे में गलत और लापरवाह रिपोर्टिं का कारण बना है।

अडानी अधिकारियों पर केवल काउंट 2: "कथित सिक्योरिटीज धोखाधड़ी साजिश", काउंट 3: "कथित वायर धोखाधड़ी साजिश", और काउंट: "कथित सिक्योरिटीज धोखाधड़ी" के आरोप लगाए गए हैं।

अडानी के खिलाफ किसी प्रमाण का जिक्र नहीं

डीओजे के अभियोग में यह कोई प्रमाण नहीं है कि अडानी अधिकारियों ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी थी। अभियोग और शिकायत केवल इस बात पर आधारित है कि रिश्वत देने का वादा किया गया था या उस पर चर्चा की गई थी।

"यह सब केवल अनुमान और एज्युर पावर और सीडीपीक्यू के पूर्व कर्मचारियों की सुनी-सुनाई बातों पर आधारित है, जिससे अमेरिकी डीओजे और यूएस एसईसी द्वारा अडानी के खिलाफ की गई कार्रवाई कानूनी और नैतिक रूप से बहुत कमजोर बनती है।"

बड़े नुकसान उठाने पड़े

अमेरिका की बिना आधार वाली कार्रवाई और लापरवाह गलत रिपोर्टिंग के कारण भारतीय समूह को अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का रद्द होना, वित्तीय बाजार पर असर और रणनीतिक साझेदारों, निवेशकों और जनता द्वारा अचानक जांच-पड़ताल जैसे बड़े नुकसान उठाने पड़े हैं।

अमेरिका और चीन की बड़ी कंपनियों से सीधी प्रतिस्पर्धा में अडानी

अडानी ग्रुप भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जिसकी ग्लोबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़े ऑपरेशंस हैं। पिछले कुछ सालों में, यह भारतीय समूह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने काम को बढ़ा रहा है और अफ्रीका, बांग्लादेश, श्रीलंका, इजराइल, ऑस्ट्रेलिया आदि में कई अमेरिकी और चीनी कंपनियों से सीधी प्रतिस्पर्धा कर रहा है।

अमेरिकी डीओजे के अभियोग की जानकारी मिलने के बाद से, इस समूह को अपनी 11 लिस्टेड कंपनियों में लगभग 55 बिलियन डॉलर का बाजार मूल्य नुकसान झेलना पड़ा है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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