Reliance Industries Share Price Target 2025: पिछले हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स में बकाया पॉजिशंस 18 वर्षों में सबसे हाई लेवल पर पहुंच गयी। हाल के महीनों में शेयर में कमजोरी के बीच ट्रेडर्स ने शेयर में मंदी (Bearish) के दांव लगाए थे। इसके बाद अब एनालिस्ट्स ने कहा है कि शेयर ओवरसोल्ड है और सेंटीमेंट में बदलाव से मंदी की पॉजिशंस खत्म हो सकती है। इसके नतीजे में शेयर में शॉर्ट टर्म में बड़े बदलाव हो सकते हैं। अनुमान है कि शेयर में तेजी आ सकती है।
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18.53 करोड़ शेयरों की बकाया पॉजिशंस
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एनालिस्ट्स के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए ओपन इंटरेस्ट (OI) या बकाया पॉजिशंस 28 नवंबर (गुरुवार) को 18.53 करोड़ शेयरों पर थी, जो 2006 के बाद से इसका उच्चतम स्तर रहा, जबकि 10 जुलाई को यह 6.84 करोड़ शेयरों के निचले स्तर पर थी। ओपन इंटरेस्ट एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या को दर्शाता है जिसमें तेजी और मंदी की स्थिति शामिल है।
कैसा रहा रिलायंस का परफॉर्मेंस
शुक्रवार को शेयर में 1.6% की तेजी के साथ ₹1,292 पर पहुंचने के कारण ओपन इंटरेस्ट घटकर 17.43 करोड़ शेयर रह गया। विश्लेषकों का कहना है कि बकाया पोजीशन अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई है।
10 जुलाई से रिलायंस के शेयरों में 18.7% की गिरावट आई है, जबकि बेंचमार्क निफ्टी 50 में 1.2% की गिरावट आई है। एसबीआई कैप्स सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख सनी अग्रवाल ने कहा, "भारत में तेल और गैस सेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन किया है, जिसका असर रिलायंस पर भी पड़ा है, क्योंकि यह इसके मुख्य बिजनेसों में से एक है।"
कहां तक जा सकता है शेयर
इससे पहले नवंबर में ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने कहा था कि रिलायंस के शेयर "आकर्षक एंट्री पॉइंट" ऑफर कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर पर ₹1,650 का टार्गेट प्राइस तय किया, जो शुक्रवार के क्लोजिंग लेवल से 27.7% की बढ़त दर्शाता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
