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Exclusive: इनकम टैक्स पर मेरी सीमाएं, मैं भी ज्यादा छूट देना चाहती हूं, पर.... टाइम्स नाउ नवभारत से बोलीं वित्त मंत्री

संसद में अपना 7वां बजट पेश करने के बाद आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत की। वित्त मंत्री ने कहा कि मिडिल क्लास को मैं भी राहत देना चाहती हूं लेकिन मेरी भी अपनी सीमाएं हैं। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में मिडिल क्लास, GST और मिडिल क्लास, टैक्स स्लैब में बदलाव जैसे प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार रखे।

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इनकम टैक्स पर मेरी सीमाएं, मैं भी ज्यादा छूट देना चाहती हूं, पर.... टाइम्स नाउ नवभारत से बोलीं वित्त मंत्री

Photo : Times Now Digital

FM Nirmala Sitharaman Interview: तीसरी बार सत्ता में आने के बाद पहली बार मोदी सरकार द्वारा 23 जुलाई 2024 को पूर्ण बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 7वीं बार संसद में बजट पेश कर इतिहास बना दिया। बजट पेश करने के बाद आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में मिडिल क्लास, GST और मिडिल क्लास, टैक्स स्लैब में बदलाव जैसे प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार रखे। आइये टाइम्स नाउ नवभारत वित्त मंत्री की इस खास बातचीत पर नजर डालते हैं।

इनकम टैक्स पर क्यों नहीं मिली ज्यादा छूट

बजट को लेकर मिडिल क्लास के बीच काफी सवाल हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि मैं मिडिल क्लास को राहत देना चाहती हूं लेकिन मेरी भी सीमाएं हैं। टैक्स रेट कम करके मैं भी राहत देना चाहती हूं और इसीलिए मानक कटौती दर को 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया गया है। टैक्स रेट बढ़ाने से हाई इनकम क्लास पर भी टैक्स की जिम्मेदारी बढ़ती है। टैक्स रेट कम करने के उद्देश्य के साथ ही नई टैक्स रिजीम को लागू किया गया और ओल्ड टैक्स रिजीम के मुकाबले इसमें टैक्स रेट कम हैं।

जीएसटी और आम आदमी को राहत

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि मैं भी मिडिल क्लास से हूं और उनकी समस्याओं को समझती हूं। इसके साथ ही उन्होंने GST के बारे में बात करते हुए कहा कि GST से पहले भी चीजों पर टैक्स लगता था और अलग-अलग राज्य अपनी मर्जी से आवश्यक चीजों पर टैक्स लगाते थे। GST आने के बाद अब आवश्यक चीजों के दाम देश भर में लगभग एक समान हैं और इससे आम आदमी को राहत मिली है। देश भर में आवश्यक चीजों के दाम एक समान हों इसी उद्देश्य के साथ GST काउंसिल का गठन किया गया था।

यहां देखें पूरा इंटरव्यू:

कैपिटल गेन टैक्स पर वित्त मंत्री

बजट 2024 के दौरान लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया था। टाइम्स नाउ से खास बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने कैपिटल गेन को लेकर अपने विचार प्रकट किये। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि छोटे इन्वेस्टर्स के लिए 1.25 लाख तक की कमाई को टैक्स फ्री रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि इंडेक्सेशन को हटाने से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि छोटे इन्वेस्टर्स में से अधिकतर की आमदनी ज्यादा है लेकिन टैक्स के मुकाबले कम है जिसकी वजह से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 10% से बढ़ाकर 12.5% किया गया है।

रोजगार को लेकर क्या बोलीं वित्त मंत्री

बजट 2024 पेश करने के दौरान रोजगार को लेकर वित्त मंत्री ने एक बड़ी घोषणा की थी और कहा था कि आने वाले 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप दी जायेगी। इस बारे में बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इंटर्नशिप के पहले एक साल के दौरान वन टाइम पेमेंट के रूप में भारत सरकार 5000 से 6000 रुपये का भुगतान करेगी। साथ ही वित्त मंत्री ने बताया कि L&T के CEO ने कहा कि उनकी कंपनी में 45,000 पद खाली हैं क्योंकि उनके पास इन पदों के लिए कुशल लोग नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियां शिक्षित और कुशल लोगों को नौकरियां देना चाहती हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल से युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही कंपनियों को उनके पदों के लिए कुशल और शिक्षित युवा मिलेंगे।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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