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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिल्डर के जाने के बाद थर्ड-पार्टी खरीदार फ्लैट्स पर नहीं कर सकते दावा, जानिए डिटेल

Flat Buyers News: कल्पना कीजिए, आपने अपने सपनों का फ्लैट खरीदा, पैसे दिए और इंतजार किया कि नई बिल्डिंग बने। लेकिन हाउसिंग सोसायटी ने देरी या विवाद के कारण बिल्डर को हटा दिया। अब आपका फ्लैट अधर में है। यही चिंता हर उस खरीदार की है जो पहले से फ्लैट बुक करता है। इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है।

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फ्लैट खरीदार के लिए बड़ी खबर (तस्वीर- istock/ani)

Flat Buyers News : कल्पना कीजिए कि आपने अपने सपनों का फ्लैट ढूंढ लिया है। आप बिल्डर को पैसे देते हैं, एग्रीमेंट साइन करते हैं और इंतजार करते हैं कि नई बिल्डिंग बने। लेकिन फिर कुछ गड़बड़ हो जाता है। जिस हाउसिंग सोसायटी की जमीन पर बिल्डिंग बन रही थी, वह बिल्डर को काम में देरी या अन्य वजहों से हटा देती है। अब सवाल उठता है कि आपका फ्लैट क्या होगा? यह चिंता बहुत से लोगों की है जो बिल्डर से पहले ही फ्लैट बुक कर लेते हैं, यानी थर्ड-पार्टी बायर्स। और अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर साफ लेकिन सख्त फैसला दिया है।

बड़ा नियम: एक बार बिल्डर गया, तो आपका हक भी गया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हाउसिंग सोसायटी ने बिल्डर के साथ किया गया करार रद्द कर दिया है, तो उस बिल्डर से फ्लैट बुक करने वाले थर्ड-पार्टी खरीदारों का सोसायटी की री-डेवलपमेंट परियोजना पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। मैजिक ब्रिक्स के मुताबिक जस्टिस कमल खाटा ने यह फैसला सुनाते हुए इसे बहुत सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि अगर आप उस बिल्डर के जरिए फ्लैट का दावा कर रहे हैं जिसे सोसायटी ने हटा दिया है, तो आप सोसायटी या नए बिल्डर से घर नहीं मांग सकते और न ही आप उनके काम में दखल दे सकते हैं।

  • आप फ्लैट के मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकते।
  • आप फ्लैट का कब्जा नहीं मांग सकते।
  • आप नए प्रोजेक्ट को रोक नहीं सकते।
जज ने साफ कहा कि आपका एकमात्र उपाय यह है कि आप पुराने बिल्डर से अपना पैसा और हर्जाना वापस मांगें, न कि सोसायटी या नए बिल्डर से फ्लैट की मांग करें।

कुर्ला के दंपत्ति और हटाए गए बिल्डर का मामला

मैजिक ब्रिक्स के मुताबिक यह अहम फैसला कुरला के एक दंपत्ति, सतीश और स्वप्ना इनामदार के केस में आया। इनामदार दंपत्ति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि सोसायटी को नया प्रोजेक्ट रोकना चाहिए क्योंकि उन्होंने पुरानी बिल्डर कंपनी से फ्लैट बुक किया था। लेकिन अदालत ने उनकी मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने कहा कि सोसायटी और नया बिल्डर पुराने बिल्डर के साझेदार या को-प्रमोटर नहीं माने जा सकते। सोसायटी ने नया करार किया है, इसलिए उसे पुराने बिल्डर की गलतियों की सजा नहीं दी जा सकती।

कुर्ला कपल और हटाए गए डेवलपर का मामला

मुख्य किरदारइस स्टोरी में रोलउनके साथ क्या हुआ
इनामदार कपल, फ्लैट खरीदने वालेपहले बिल्डर के साथ एक फ्लैट बुक किया था
नेहरू नगर सोसाइटीजमीन का मालिक2015 में पहले बिल्डर को निकाल दिया।
मेसर्स आदित एंटरप्राइजेजपहला बिल्डरनिकाल दिया गया, सोसाइटी ने उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया।

आम फ्लैट खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

  • यह फैसला उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो सोसायटी री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदते हैं।
  • जोखिम बहुत बड़ा है: अगर सोसायटी ने बिल्डर को हटा दिया, तो आपका फ्लैट बुकिंग बेकार हो सकता है।
  • बिल्डर की जांच करें: किसी भी डील से पहले बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड, आर्थिक स्थिति और उसकी साख ज़रूर जांचें।
  • आपका एकमात्र अधिकार – पैसा वापस हो: कोर्ट ने कहा कि आप सिर्फ पुराने बिल्डर से पैसे और मुआवजे की मांग कर सकते हैं। सोसायटी या नए बिल्डर से घर नहीं मांग सकते।

इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून की नजर में सोसायटी का अधिकार अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का व्यक्तिगत खरीदार के कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण है। थर्ड-पार्टी खरीदारों के लिए इसका मतलब है। सपनों का घर पाने की कोशिश में एक बड़ा कानूनी जोखिम छिपा है, जिसे समझना बहुत जरूरी है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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