Flat Buyers News : कल्पना कीजिए कि आपने अपने सपनों का फ्लैट ढूंढ लिया है। आप बिल्डर को पैसे देते हैं, एग्रीमेंट साइन करते हैं और इंतजार करते हैं कि नई बिल्डिंग बने। लेकिन फिर कुछ गड़बड़ हो जाता है। जिस हाउसिंग सोसायटी की जमीन पर बिल्डिंग बन रही थी, वह बिल्डर को काम में देरी या अन्य वजहों से हटा देती है। अब सवाल उठता है कि आपका फ्लैट क्या होगा? यह चिंता बहुत से लोगों की है जो बिल्डर से पहले ही फ्लैट बुक कर लेते हैं, यानी थर्ड-पार्टी बायर्स। और अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर साफ लेकिन सख्त फैसला दिया है।
बड़ा नियम: एक बार बिल्डर गया, तो आपका हक भी गया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हाउसिंग सोसायटी ने बिल्डर के साथ किया गया करार रद्द कर दिया है, तो उस बिल्डर से फ्लैट बुक करने वाले थर्ड-पार्टी खरीदारों का सोसायटी की री-डेवलपमेंट परियोजना पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। मैजिक ब्रिक्स के मुताबिक जस्टिस कमल खाटा ने यह फैसला सुनाते हुए इसे बहुत सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि अगर आप उस बिल्डर के जरिए फ्लैट का दावा कर रहे हैं जिसे सोसायटी ने हटा दिया है, तो आप सोसायटी या नए बिल्डर से घर नहीं मांग सकते और न ही आप उनके काम में दखल दे सकते हैं।
- आप फ्लैट के मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकते।
- आप फ्लैट का कब्जा नहीं मांग सकते।
- आप नए प्रोजेक्ट को रोक नहीं सकते।
कुर्ला के दंपत्ति और हटाए गए बिल्डर का मामला
मैजिक ब्रिक्स के मुताबिक यह अहम फैसला कुरला के एक दंपत्ति, सतीश और स्वप्ना इनामदार के केस में आया। इनामदार दंपत्ति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि सोसायटी को नया प्रोजेक्ट रोकना चाहिए क्योंकि उन्होंने पुरानी बिल्डर कंपनी से फ्लैट बुक किया था। लेकिन अदालत ने उनकी मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने कहा कि सोसायटी और नया बिल्डर पुराने बिल्डर के साझेदार या को-प्रमोटर नहीं माने जा सकते। सोसायटी ने नया करार किया है, इसलिए उसे पुराने बिल्डर की गलतियों की सजा नहीं दी जा सकती।
कुर्ला कपल और हटाए गए डेवलपर का मामला
| मुख्य किरदार | इस स्टोरी में रोल | उनके साथ क्या हुआ |
| इनामदार कपल, | फ्लैट खरीदने वाले | पहले बिल्डर के साथ एक फ्लैट बुक किया था |
| नेहरू नगर सोसाइटी | जमीन का मालिक | 2015 में पहले बिल्डर को निकाल दिया। |
| मेसर्स आदित एंटरप्राइजेज | पहला बिल्डर | निकाल दिया गया, सोसाइटी ने उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया। |
आम फ्लैट खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
- यह फैसला उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो सोसायटी री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदते हैं।
- जोखिम बहुत बड़ा है: अगर सोसायटी ने बिल्डर को हटा दिया, तो आपका फ्लैट बुकिंग बेकार हो सकता है।
- बिल्डर की जांच करें: किसी भी डील से पहले बिल्डर का ट्रैक रिकॉर्ड, आर्थिक स्थिति और उसकी साख ज़रूर जांचें।
- आपका एकमात्र अधिकार – पैसा वापस हो: कोर्ट ने कहा कि आप सिर्फ पुराने बिल्डर से पैसे और मुआवजे की मांग कर सकते हैं। सोसायटी या नए बिल्डर से घर नहीं मांग सकते।
इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून की नजर में सोसायटी का अधिकार अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का व्यक्तिगत खरीदार के कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण है। थर्ड-पार्टी खरीदारों के लिए इसका मतलब है। सपनों का घर पाने की कोशिश में एक बड़ा कानूनी जोखिम छिपा है, जिसे समझना बहुत जरूरी है।
