Fitch Revised India GDP:क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की मध्यावधि वृद्धि का अनुमान बढ़ा दिया है। फिच ने पहले के 5.5 फीसदी ग्रोथ का अनुमान लगाया था। अब इसमें 0.7 फीसदी की बढ़ोतरी 6.2 फीसदी कर दिया गया। एक तरफ फिच ने भारत के अनुमान में जहां बढ़ोतरी की है। वहीं चीन के लिए अपने अनुमान में 0.7 फीसदी की कटौती कर दी। इसी तरह एजेंसी ने 10 उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अपना अनुमान पहले के 4.3 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया।
भारत का क्यों बढ़ाया
फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उभरते बाजार की संभावित वृद्धि चीन की धीमी गति के कारण कमजोर हुई। यह कटौती मुख्य रूप से चीन की सप्लाई चेन की वृद्धि क्षमता के अनुमान में 0.7 फीसदी अंक की आई बड़ी कमी के कारण है। इसीलिए चीन की मध्यावधि वृद्धि का अनुमान पहले 5.3 फीसदी से घटाकर 4.6 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि, हमने भारत और मेक्सिको में बड़े पैमाने पर उन्नयन किया है, जिससे पूंजी-से-श्रम अनुपात के बेहतर नजरिए से लाभ हुआ है। भारत का अनुमान 5.5 फीसदी से बढ़कर 6.2 फीसदी और मेक्सिको का 1.4 फीसदी से बढ़कर 2 फीसदी है।
रूस सहित इन देशों को अनुमान घटाया
रूस के लिए पूर्वानुमान को 1.6 प्रतिशत से घटाकर 0.8 प्रतिशत, कोरिया के लिए 2.3 प्रतिशत से घटाकर 2.1 प्रतिशत और दक्षिण अफ्रीका के लिए 1.2 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है।एजेंसी ने यह भी कहा कि नवीनतम अनुमान ब्राजील और पोलैंड को छोड़कर सभी शीर्ष 10 उभरते बाजारों (ईएम10) के लिए उसके महामारी-पूर्व संभावित विकास अनुमानों से नीचे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लेकिन कुछ 'डरावने अनुभव को अनुमान लगाना मुश्किल है और हमने मेक्सिको, इंडोनेशिया, भारत और दक्षिण अफ्रीका के लिए 2020 और 2021 में संभावित सकल घरेलू उत्पाद के ऐतिहासिक अनुमानों में अतिरिक्त 'स्तर का झटका' शामिल किया है।
