Nifty 50 key levels: G-20 शिखर सम्मेलन को भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इस बीच निफ्टी 50 इंडेक्स ने आज यानी 11 सितंबर को पहली बार 20,000 अंक को पार कर लिया है। इसके पहले जुलाई में ही इंडेक्स 20,000 को पार करने से केवल आठ अंक चूक गया था और 19,992 का रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था। पिछले सप्ताह तक ऐसा लग रहा था कि निफ्टी 19,000 के लेवल से भी नीचे गिर जाएगा, लेकिन सितंबर एफएंडओ सीरीज की मजबूत शुरुआत से लगभग 19,200 के निचले स्तर से 700 अंक ऊपर पहुंच गया है।
अगर निफ्टी 50 ने जुलाई में ही 20,000 का आंकड़ा पार कर लिया होता, तो यह इंडेक्स के इतिहास में सबसे तेज 1,000 अंक की रैली होती। हालांकि 19000 से 20000 तक पहुंचने में 1000 अंकों की बढ़त निफ्टी के इतिहास में 5वीं सबसे तेज 1000 अंकों की बढ़त है। 19,000 को पार करने के बाद से बढ़त में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) सबसे आगे है, उसके बाद इंफोसिस और लार्सन एंड टुब्रो हैं। तीनों शेयरों ने मिलकर 1,000 अंकों की उछाल में लगभग आधे का योगदान दिया है।
सेंसेक्स में भी दिखी बढ़त
निफ्टी के साथ आज सेंसेक्स में भी आज बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स ने आज 500 अंक की बढ़त हासिल की। और ज्यादातर सेक्टर ऊंचे स्तर पर बंद हुए। आज सेंसेक्स 528.17 अंकों की बढ़त के साथ 67,127.08 के लेवल पर बंद हुआ।
G-20 में भारत की कामयाबी
G-20 शिखर सम्मेलन को भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। इसमें भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर काफी अहम है, जिसके तहत भारत से यूरोप तक एक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे भारत और यूरोप की व्यापार में 40 फीसदी तेजी आएगी। इसके अलावा दिल्ली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान सस्टेनेबल सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट और प्रॉस्पेरिटी में टूरिज्म और कल्चर की अहम भूमिका को सर्वसम्मति से समर्थन मिलना भी बड़ी कामयाबी रहा। भारत के प्रस्ताव पर अफ्रीकन यूनियन को जी-20 में शामिल किया गया है। इन तमाम चीजों से भारत का कद वैश्विक स्तर पर बढ़ा, जिसका असर आज शेयर बाजार पर दिखा।
